घर-दुकान मालिक किरायेदार को बिना नोटिस नहीं निकाल सकता घर से बाहर, जाने सभी अधिनियम ?
Udaipur Times, Haryana News : राज्य में लाखों लोग किरायेदार हैं। कोई किराये के मकान में रहता है तो किराये पर दुकान चलाता है। ऐसे में सरकार ने किरायेदार के मुख्य कानूनी अधिकार हरियाणा शहरी किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत सुरक्षित किए हैं। इनमें लिखित रेंट एग्रीमेंट, बेदखली से सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं पाने का अधिकार शामिल है। कोई भी मकान मालिक जब चाहे तब किरायेदार को घर-दुकान से बाहर नहीं कर सकता।
कानूनी सुरक्षा और बेदखल करने के नियम
हरियाणा में बेदखली की एक तय कानूनी प्रक्रिया है। यदि कोई विवाद हो, तो मकान मालिक को किराया नियंत्रक के पास आवेदन करना होता है, न कि खुद कानून अपने हाथ में लेने का। मकान मालिक मर्जी से या अचानक अत्यधिक किराया नहीं बढ़ा सकता। यह एग्रीमेंट की शर्तों और नियमों के अनुसार ही होना चाहिए। किराया भुगतान में देरी होने पर भी मकान मालिक बिजली, पानी या अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं नहीं काट सकता। मकान मालिक बिना पूर्व सूचना या अनुमति के किरायेदार के घर में प्रवेश नहीं कर सकता।
मकान मालिक परेशान करे तो क्या करें
यदि मकान मालिक किरायेदार को परेशान करता है, सुरक्षा जमा नहीं लौटाता या बुनियादी सुविधाएं काटता है, तो रेंट कंट्रोलर, स्थानीय पुलिस या सीएम विंडो पर शिकायत कर सकते हैं। किरायेदारी से जुड़े मुख्य कानूनी विवादों के लिए जिला अदालत में स्थित रेंट कंट्रोलर सबसे मुख्य प्राधिकरण है। मकान मालिक द्वारा व्यक्तिगत रूप से परेशान करने या डराने-धमकाने पर पुलिस की सहायता ले सकते हैं। पुलिस या प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है तो सीएम विंडो पर शिकायत की जा सकती है।
यह प्रक्रिया पहले अपनाएं
औपचारिक शिकायत दर्ज करने से पहले, किसी वकील के माध्यम से मकान मालिक को लीगल नोटिस भेजें। बातचीत के वॉट्सएप मैसेज, ईमेल को संभालकर रखें। शिकायत के साथ लिखित रेंट एग्रीमेंट, किराये के भुगतान की रसीदें या बैंक स्टेटमेंट आदि भी संलग्न करें।
