हरियाणा के 39 शहरों की बदलेगी तस्वीर ! यहां बनेंगे नए ट्रांसपोर्ट नगर, सरकार खरीदेगी 8 हजार एकड़ जमीन
Udaipur Times, Haryana Transport Nagar : हरियाणा सरकार ने राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और शहरों पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए बड़े स्तर पर जमीन खरीदने की योजना तैयार की है। इसके तहत प्रदेश के 39 शहरों में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के किनारे एक बड़ी नमो सिटी बसाने की योजना पर भी प्रस्ताव किया गया है । हालांकि, नमो सिटी के लिए अंतिम जगह अभी तय होना बाकी है।
सरकार ने ट्रांसपोर्ट नगर के लिए करीब 8 हजार एकड़ और नमो सिटी के लिए करीब 9 हजार एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए 27 शहरों में करीब 47 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना है। प्रदेश में अलग-अलग विकास परियोजनाओं के लिए कुल 71 शहरों में करीब 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई गई है।
39 शहरों में विकसित होंगे ट्रांसपोर्ट नगर
हरियाणा के 39 शहरों में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगरों का उद्देश्य शहरों के भीतर भारी वाहनों और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित करना है। ट्रांसपोर्ट नगर विकसित होने से शहरों के मुख्य हिस्सों में भारी वाहनों की आवाजाही का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना के तहत इन परियोजनाओं के लिए किसानों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जमीन खरीद की योजना के चौथे चरण में किसानों से करीब 64 हजार एकड़ जमीन की पेशकश मांगी गई है। जमीन बेचने के इच्छुक किसान ई-भूमि पोर्टल पर 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
KMP एक्सप्रेसवे के पास बनाई जाएगी तो सिटी
इन सभी योजनाओं में सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना नमो सिटी को माना जा रहा है। इसे कुंडली-मानेसर-पलवल यानी KMP एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित करने की योजना है। हालांकि, शहर के लिए जमीन का अंतिम स्थान अभी तय किया जाना बाकी है। नमो सिटी के लिए करीब 9 हजार एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस परियोजना को NCR रीजनल प्लान-2041 के तहत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य एक ऐसा आधुनिक शहर तैयार करना है, जहां तकनीक, बेहतर शहरी सुविधाओं और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विकास किया जाए।
नमो सिटी ग्रीन ओर स्मार्ट स्वरूप में विकिसत करने का है प्लान
प्रस्तावित नमो सिटी को पूरी तरह ग्रीन और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। शहर के बड़े हिस्से में हरियाली और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य शहरी विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना और प्रदूषण को नियंत्रित करना है। प्रदूषण कम करने के लिए शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिलों को प्राथमिकता देने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शहर को ‘ग्लोबल मिनीफाइड स्मार्ट सिटी’ की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। यहां आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ नागरिकों को बेहतर और सुविधाजनक शहरी सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
24 घंटे बिजली-पानी और भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क
नमो सिटी में आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर दिया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत यहां 24 घंटे बिजली और पानी, भूमिगत यूटिलिटी लाइन और आधुनिक स्मार्ट कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी। भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क के जरिए बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की योजना है। वहीं, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट के जरिए कचरे के संग्रह और प्रबंधन को तकनीक आधारित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
घर के पास होंगे ऑफिस और व्यावसायिक केंद्र
नमो सिटी की योजना में आवासीय क्षेत्रों के साथ ही रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को भी आसपास रखने पर जोर दिया गया है। यानी लोगों के घरों के नजदीक ही दफ्तर और व्यावसायिक केंद्र विकसित करने की योजना है।
इस तरह की प्लानिंग का उद्देश्य लोगों की रोजाना लंबी दूरी की आवाजाही को कम करना है। इससे भविष्य में शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। आधुनिक नागरिक सुविधाओं के साथ आवास, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को एक-दूसरे के करीब रखने की योजना शहर के विकास मॉडल का अहम हिस्सा होगी।
71 शहरों में 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने की योजना
हरियाणा सरकार ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए राज्य के 71 शहरों में करीब 1 लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है। इसके चौथे चरण में किसानों से करीब 64 हजार एकड़ जमीन की पेशकश मांगी गई है। इसमें ट्रांसपोर्ट नगर और नमो सिटी के अलावा 27 शहरों में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए करीब 47 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना शामिल है। सरकार का लक्ष्य इन परियोजनाओं के जरिए शहरों के नियोजित विस्तार के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
हरियाणा को इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की है पूरी तैयारी
प्रदेश सरकार की व्यापक योजना हरियाणा को उत्तर भारत के औद्योगिक विनिर्माण आधार, लॉजिस्टिक्स हब और NCR के लिए सेटेलाइट शहरीकरण क्षेत्र के रूप में विकसित करने की है। इन परियोजनाओं को इसी बड़े विजन का हिस्सा माना जा रहा है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के विस्तार के लिए बड़े भू-क्षेत्र की जरूरत होगी। इसी वजह से सरकार विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
जमीन बेचने के लिए किसानों की मर्जी होगी अहम
सरकार ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों को कम करने के लिए नई नीति लागू की है। इसके तहत किसानों से जबरन जमीन लेने के बजाय उनकी सहमति से जमीन खरीदने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को अपनी जमीन की कीमत के लिए अपनी मांग रखने का विकल्प दिया गया है।अगर सरकार को जमीन के मालिक की ओर से पेश किया गया रेट उचित लगता है, तो उस कीमत पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। अलग-अलग मामलों में सरकार और भू-स्वामी के बीच जमीन की कीमत को लेकर बातचीत और मोलभाव भी संभव होगा।
किसानों के लिए ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन का मौका
सरकार की जमीन खरीद योजना में शामिल होने के इच्छुक किसान ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से 31 अक्टूबर तक अपनी जमीन की पेशकश कर सकते हैं। इससे किसानों को अपनी जमीन स्वेच्छा से सरकारी परियोजनाओं के लिए बेचने का विकल्प मिलेगा। कुल मिलाकर, ट्रांसपोर्ट नगर, नमो सिटी, आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के जरिए हरियाणा में शहरी विस्तार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। खासतौर पर KMP एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित नमो सिटी को भविष्य की शहरी जरूरतों के हिसाब से विकसित करने की योजना इसे इस पूरी परियोजना का अहम हिस्सा बनाती है।