48 गांवों की बदलेगी तस्वीर ! सरकार देगी शहरी दर्जा, लोगों को मिलेगा जबरदस्त फायदा
Udaipur Times, 48 Delhi Villages To Get Urban : दिल्ली के आखिरी 48 ग्रामीण गांवों को शहरी दर्जा मिलने जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस कदम से इन इलाकों में बेहतर सड़कें, पानी की आपूर्ति, सीवरेज और अन्य नागरिक सुविधाएं मिल सकेंगी, जहां के लोग लंबे समय से सुनियोजित विकास का इंतजार कर रहे थे।
यह फैसला दिल्ली के 357 गांवों में से बचे हुए 48 गांवों पर लागू होगा। बाकी 309 गांवों को पहले ही शहरी घोषित किया जा चुका है। सरकार ने शुक्रवार को बताया कि इस बदलाव से नागरिक एजेंसियों को गांवों में विकास की जरूरतों का आकलन करने, योजनाएं तैयार करने और कामों में तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी होने के बाद ही इनका दर्जा औपचारिक रूप से बदलेगा।
यह प्रस्ताव नया नहीं है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने फरवरी में इसे मंजूरी दी थी, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) हाउस ने सितंबर में इसे पास कर दिया था।
इनमें से कई गांव पहले से ही शहरी इलाकों से घिरे हुए हैं, लेकिन अभी भी इन्हें 'ग्रामीण' माना जाता है। इस वजह से जमीन के इस्तेमाल की मंजूरी लेने और विकास परियोजनाओं को लागू करने में काफी मुश्किलें आती हैं।
निवासियों के लिए क्या बदलेगा?
दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 507(a) के तहत इन गांवों को शहरी घोषित किया जाएगा। इससे सड़कों, जल निकासी, पीने के पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन की योजना बनाने के लिए एक कानूनी आधार मिल जाएगा। हालांकि, 'शहरी' दर्जा मिलने का मतलब यह नहीं है कि यहां तुरंत नया निर्माण शुरू हो जाएगा या जमीन के इस्तेमाल में बदलाव हो जाएगा। निवासियों और संपत्ति मालिकों को अभी भी भवन निर्माण नियमों, स्वीकृत योजनाओं और कानूनी अनुमतियों का पालन करना होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इसका उद्देश्य गांवों की पहचान और विरासत को बचाए रखते हुए उन्हें दिल्ली के विकास ढांचे में शामिल करना है। यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा अगस्त में 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047' की अधिसूचना जारी करने के बाद आया है। इससे पहले, स्थानीय निवासियों के समूहों ने शिकायत की थी कि अन्य गांवों के शहरीकरण के बाद भी वहां हमेशा बेहतर नागरिक सुविधाएं नहीं मिल पाईं। उन्होंने जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करने में हो रही देरी पर भी चिंता जताई थी।
48 गांवों की पूरी सूची
बकौली, हमीदपुर, पल्ला, कुलकपुर, सिंघोला, सुंगरपुर दिल्ली, सुंगरपुर शाहदरा, ताजपुर कलां, टेहरी दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, मुंगेशपुर, शाहपुर गढ़ी, निजामपुर रसीदपुर, छतेसर, पुर दिल्ली, जगतपुर दिल्ली, सुल्तानपुर माजरा, पुर शाहदरा, साबापुर दिल्ली, बदरपुर खादर, बकियाबाद, खानपुर खानी और जाफराबाद।
जगतपुर शाहदरा, बदरपुर माजरा बुराड़ी, फतेहपुर बेरी, चंदन होला, बदुसराय, देवराला, घुम्मनहेड़ा, जैनपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी, राघोपुर, रावता, शिकारपुर, बिजवासन, नानक हेरी, बाकरगढ़, ढांसा, गालिबपुर, ईसापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर और चक चिल्ला।