5303 गांवों की बदलेगी तस्वीर ! 12 जिलों को मिलाकर बनेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन, 500 पदों पर होगी नियुक्ति
Udaipur Times, Metropolitan Region : मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के दो बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों भोपाल और उज्जैन-इंदौर के एकीकृत विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MRDA) के प्रशासनिक ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है। इसके साथ ही अथॉरिटी के संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
शहरी विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार, नई अथॉरिटी में करीब 500 स्वीकृत पद होंगे। इसका संचालन सचिव स्तर के एक आईएएस अधिकारी की निगरानी में होगा, जबकि मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष होंगे।
500 पदों पर होगी नियुक्ति
अथॉरिटी में नियुक्तियां विभिन्न माध्यमों से की जाएंगी। इनमें सीधी भर्ती, प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन), पदोन्नति और आउटसोर्सिंग शामिल होगी। नई संस्था में प्रशासन, वित्त एवं लेखा, नगर नियोजन, तकनीकी सेवाओं और अन्य विशेषज्ञ शाखाएं बनाई जाएंगी। ये विभाग शहरी नियोजन, भूमि प्रबंधन, बुनियादी ढांचे के विकास, वित्तीय प्रबंधन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन का काम संभालेंगे।
सड़क, पानी, परिवहन और आवास पर रहेगा फोकस
मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य स्थानीय निकायों के साथ मिलकर क्षेत्रीय विकास योजनाएं तैयार करेगी और उन्हें लागू करेगी।
इसके तहत सड़क, सार्वजनिक परिवहन, पेयजल, सीवरेज, आवास, औद्योगिक विकास और अन्य शहरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन किया जाएगा।
भोपाल और इंदौर-उज्जैन क्षेत्र का सर्वे पूरा
सरकार ने प्रस्तावित भोपाल और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। यह मध्य प्रदेश मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2025 को लागू करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कितना बड़ा होगा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र?
भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र लगभग 12,095 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। इसमें भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम जिलों के करीब 2,523 गांव शामिल होंगे।
वहीं उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र करीब 16,000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा, जो भोपाल क्षेत्र से लगभग 4,000 वर्ग किलोमीटर बड़ा होगा। इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों की 38 तहसीलों के 2,781 गांव शामिल किए जाएंगे। इसकी सीमा भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से भी जुड़ेगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि इस योजना के तहत शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
अगले चरण में ग्वालियर और जबलपुर भी शामिल होंगे
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगले चरण में ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग फ्रेमवर्क में शामिल किया जाएगा, ताकि इन शहरों का भी योजनाबद्ध और एकीकृत विकास किया जा सके।
