चंडीगढ़-पंचकुला और मोहाली की बदलेगी तस्वीर ! जल्द तैयार होगा ये बाईपास, जाने इसके खास 5 फायदे ?
Udaipur Times, Zirakpur Panchkula Bypass : चंडीगढ़-पंचकुला और मोहाली वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। PM मोदी ने चंडीगढ़-पंचकुला और मोहाली की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना को मंजूर कर की आधारशिला रख दी है।
जानकारी के अनुसार चंडीगढ़-पंचकुला और मोहाली के इस बाइपास पर करीब 1,983 करोड़ रुपये खर्च होने वाले है और यह 19.2 किलोमीटर लंबा छह लेन बनने वाला है। इस बाईपास के कारण ट्राईसिटी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव कम होने वाला है। Zirakpur Panchkula Bypass
मिली जानकारी के मुताबिक यह बाईपास NH-7 पर जीरकपुर-पटियाला जंक्शन से शुरू होकर NH-5 पर जीरकपुर-परवाणू जंक्शन तक जाएगा। परियोजना में 6 KM लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, कई फ्लाईओवर, अंडरपास, पुल और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण वर्ष 2020 में हो गया था।
5 बड़े फायदे
जीरकपुर ट्राईसिटी का सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से हिमाचल प्रदेश की ओर जाने वाले अधिकांश वाहन यहां से गुजरते हैं। बाईपास बनने के बाद बाहरी वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे जाम से राहत मिलने वाली है। Zirakpur Panchkula Bypass
दिल्ली और अंबाला से पंचकूला, बद्दी, नालागढ़ और शिमला की ओर जाने वाले वाहन सीधे बाईपास का उपयोग कर सकेंगे।
भारी वाहनों और गैर-स्थानीय ट्रैफिक के शहर से बाहर निकलने से ट्राईसिटी में ट्रैफिक दबाव कम होगा।
बेहतर सड़क संपर्क से मोहाली, पंचकूला, बद्दी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक माल परिवहन आसान होगा। Zirakpur Panchkula Bypass
जीरकपुर-पंचकूला बाईपास, ट्राईसिटी रिंग रोड परियोजना का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला से गैर-स्थानीय ट्रैफिक को बाहर निकालकर शहरों के भीतर यातायात को सुगम बनाना है।
