हरियाणा के गुरुग्राम जिले की बदलेगी तस्वीर ! स्वास्थ्य मंत्री ने दी करोड़ों रुपये के इन कार्यों की सौगात ?
Udaipur Times, Haryana News, गुरुग्राम : हरियाणा सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गुरुग्राम जिले में 30 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने, संचालित करने और प्रबंधित करने के लिए हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मैसर्स एएसआर हॉस्पिटल्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को ₹26 करोड़ 20 लाख 80 हजार रुपये का कार्य आदेश जारी किया है। इसकी अवधि समझौते की तारीख से दो वर्ष रहेगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक उसके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी सोच को जमीन पर उतारने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार नए कदम उठा रही है। इन केंद्रों के माध्यम से शहरी गरीब, झुग्गी बस्तियों, कम आय वाले परिवारों और वंचित वर्गों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही उपलब्ध होंगी।
30 स्थानों पर खुलेंगे अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर
गुरुग्राम जिले में कुल 30 स्थानों को अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें हीरा नगर, नरसिंहपुर ढाणी, हरि नगर, शक्ति नगर, भीमगढ़ खेड़ी, शिवाजी नगर, अर्जुन नगर, चंदन नगर, समालपुर, सेक्टर-56 घाटा गांव, सेक्टर-55, डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-27, गंगा विहार, टिकरी ढाणी, मनोहर नगर, सूर्य विहार, धर्म कॉलोनी, ग्वाल पहाड़ी, प्रेम नगर, सरहौल, राम विहार, तिगरा गांव, सेक्टर-54, सराय गांव और कन्हई सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों का चयन इस प्रकार किया गया है कि बड़ी संख्या में लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।
12 प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं
अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के तहत 12 प्रमुख सेवाएं उपलब्ध होंगी। इनमें गर्भावस्था एवं प्रसव पूर्व देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, संक्रामक रोगों का प्रबंधन, सामान्य बीमारियों की ओपीडी, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग एवं उपचार, आंख व ईएनटी संबंधी सेवाएं, मौखिक स्वास्थ्य, बुजुर्ग एवं पेलिएटिव केयर, आपातकालीन सेवाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच एवं प्रबंधन शामिल हैं। इसके साथ ही योग एवं आयुष सेवाओं को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। जरूरतमंद मरीजों को टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन सलाह उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होगी।
मुफ्त दवाएं और जरूरी जांचें
इन केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। अनिवार्य डायग्नोस्टिक टेस्ट भी केंद्र स्तर पर उपलब्ध होंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर ही बीमारी की पहचान और उपचार होने से मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और बड़े अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव भी कम होगा। प्रत्येक अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, पुरुष मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर और सफाई कर्मचारी सहित आवश्यक स्टाफ की तैनाती की जाएगी। केंद्रों में कंप्यूटरीकृत पंजीकरण, दवा वितरण, सीसीटीवी, टेली-कंसल्टेशन, ऑक्सीजन सुविधा, डे-केयर बेड और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
हर केंद्र पर गुणवत्ता और जवाबदेही पर जोर
कार्य आदेश में सेवाओं की गुणवत्ता और कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। स्टाफ की कमी, अनिवार्य जांच या दवा की अनुपलब्धता, 12 सीपीएचसी सेवाओं में कमी, योग सत्र नहीं होने तथा सरकारी मानकों के अनुसार ब्रांडिंग नहीं होने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल स्वास्थ्य केंद्र खोलना नहीं, बल्कि उन्हें नियमित रूप से सक्रिय, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संचालित करना है। उन्होंने कहा कि हर केंद्र पर मरीजों को सम्मानजनक व्यवहार, समय पर सेवा और आवश्यक उपचार मिले, इसके लिए निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।