हरियाणा के फरीदाबाद से गुरुग्राम की बदलेगी तस्वीर ! सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा सफर, नमो भारत और लोकल मेट्रो एकसाथ बढ़ाएगी रफ्तार
Udaipur Times, Haryana News, फरीदाबाद : फरीदाबाद में प्रस्तावित नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर शहर की परिवहन व्यवस्था को बड़ा बदलाव देने वाला है। करीब 16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में लगभग एक किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा, जबकि करीब 15 किलोमीटर मार्ग एलिवेटेड बनाया जाएगा। खास बात यह है कि बाटा चौक से सेक्टर-12 तक का हिस्सा भूमिगत रहेगा और बाटा चौक पर भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा।
इस स्टेशन को दिल्ली मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को नमो भारत और मेट्रो के बीच इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। प्रस्तावित कॉरिडोर सैनिक कॉलोनी से शुरू होकर एनआईटी और ग्रेटर फरीदाबाद के विभिन्न सेक्टरों को जोड़ते हुए बादशाहपुर तक पहुंचेगा। फरीदाबाद जिले में नमो भारत आरआरटीएस के दो प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें पहला बाटा चौक और दूसरा सेक्टर-85/86 में होगा।
एक ही ट्रैक पर दौड़ेंगी नमो भारत और लोकल मेट्रो
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही ट्रैक पर नमो भारत के साथ लोकल मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है। इससे यात्रियों को फरीदाबाद के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने के साथ गुरुग्राम तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। प्रस्तावित आरआरटीएस कॉरिडोर में जिले के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए कुल 10 स्टेशन बनाए जाने की योजना है।
मार्ग सैनिक कॉलोनी से शुरू होकर एनआईटी-3, एनआईटी-1 और बाटा चौक से गुजरेगा। इसके बाद सेक्टर-12/13/14/15, सेक्टर-80, सेक्टर-81/82, सेक्टर-85/86 और सेक्टर-88/89 को जोड़ा जाएगा। फरीदाबाद जिले में बादशाहपुर आखिरी स्टेशन होगा, जिसके बाद कॉरिडोर आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा में प्रवेश करेगा।
स्टेशनों के निर्माण से स्थानीय यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने में भी सुविधा होगी।
गुरुग्राम से फरीदाबाद का सफर 20 मिनट में तय
नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर तैयार होने के बाद गुरुग्राम से फरीदाबाद का सफर करीब 20 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। फिलहाल सड़क मार्ग से दोनों शहरों के बीच आने-जाने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। ऐसे में यह कॉरिडोर दोनों शहरों के बीच तेज और सुगम आवागमन का नया विकल्प बन सकता है। प्रस्तावित कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें करीब 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनें हर सात से दस मिनट के अंतराल पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
दिसंबर 2026 तक हो सकता है निर्माण कार्य शुरू
नमो भारत आरआरटीएस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। परियोजना का निर्माण दिसंबर 2026 तक शुरू करने और इसे 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना में करीब एक किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होने के कारण बाटा चौक पर बनने वाला स्टेशन भी भूमिगत होगा। इसके दिल्ली मेट्रो से जुड़ने के बाद यात्रियों को परिवहन के दोनों साधनों के बीच सीधे आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
सभी स्तरों पर चल रही है तैयारियां
एचएसवीपी के अधीक्षण अभियंता संदीप दहिया के अनुसार, नमो भारत आरआरटीएस का करीब एक किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा। परियोजना को लेकर फिलहाल किसी तरह की समस्या नहीं है। सभी स्तरों पर तैयारियां चल रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
अगर परियोजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच यात्रा का समय काफी कम होने के साथ शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।।