देश की राजधानी दिल्ली की बदलेगी तस्वीर ! 467 करोड़ रुपये से तैयार होगी ये सभी सड़कें
Udaipur Times, New Delhi : दिल्ली की सड़कों को मजबूत करने पर खर्च होने वाली रकम और उनकी टिकाऊ अवधि पर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्वी और उत्तरी दिल्ली में वर्ष 2021-22 में मजबूत की गई 162.71 किलोमीटर सड़कों की हालत करीब पांच साल बाद फिर खराब मिली है।
अब इन सड़कों पर दोबारा काम कराने के लिए करीब 467.66 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इनमें पूर्वी रखरखाव जोन की 58.292 किलोमीटर और उत्तरी रखरखाव जोन की 104.42 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं।
विभागीय निरीक्षण में दोनों जोन की सड़कें खराब हालत में मिलीं। पूर्वी जोन की सड़कों के लिए दोनों परतों में दोबारा काम कराने की जरूरत बताई गई है। उत्तरी जोन के मामले में विभाग का दावा है कि इन सड़कों ने पांच साल की उपयोगी सेवा अवधि पूरी कर ली है या वित्त वर्ष 2026-27 में पूरी करने वाली हैं। सवाल यह है कि पांच साल पहले किए गए काम के बाद सड़कों की हालत इतनी खराब क्यों हो गई।
लागत भी 49 फीसदी तक बढ़ी : सड़कों की लंबाई और काम का दायरा समान रहने के बावजूद अनुमानित लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। पूर्वी दिल्ली की 58.292 किलोमीटर सड़कों पर पहले 147.07 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था, जो अब बढ़कर 215.23 करोड़ रुपये हो गया है।
यानी लागत करीब 46 फीसदी बढ़ी। उत्तरी दिल्ली की 104.42 किलोमीटर सड़कों की लागत 247.31 करोड़ से बढ़कर 372.71 करोड़ रुपये हो गई है। यहां करीब 51 फीसदी की वृद्धि हुई।
पीडब्ल्यूडी के अनुसार, लागत बढ़ने की प्रमुख वजह बिटुमिन की कीमत में वृद्धि है। बोली आमंत्रित किए जाने के समय इसकी कीमत 40,831 रुपये प्रति टन से बढ़कर 80,140 रुपये प्रति टन हो गई थी। विभाग ने मध्य-पूर्व की स्थिति के कारण आपूर्ति प्रभावित होने को कीमत बढ़ने की वजह बताया है।
पांच साल पहले बनीं सड़कों की हालत इतनी जल्दी खराब कैसे हुई?
पहले नहीं शुरू हो सका था काम
दोनों परियोजनाओं पर पहले स्वीकृत रकम और टेंडर में मिली न्यूनतम बोली के बीच अंतर के कारण काम शुरू नहीं हो सका। पूर्वी जोन के लिए 147.08 करोड़ रुपये मंजूर थे, जबकि सबसे कम बोली 164.55 करोड़ रुपये आई। उत्तरी जोन में 247.31 करोड़ रुपये की मंजूरी के मुकाबले न्यूनतम बोली 290.44 करोड़ रुपये रही। इसके चलते दोनों जगह काम सौंपा नहीं जा सका।
अब संशोधित प्रस्ताव के तहत पूर्वी जोन के लिए 169.14 करोड़ और उत्तरी जोन के लिए 298.52 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस तरह दोनों परियोजनाओं के लिए कुल 467.66 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
