हरियाणा के इस जिले की बदलेगी तस्वीर ! गांवों-शहरों की गलियों, चौपालों और स्कूलों का होगा कायाकल्प
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा के फतेहाबाद वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छोटे-बड़े विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए जिला योजना (डी-प्लान) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 13 करोड़ 29 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्रों, ब्लॉकों और नगर निकायों के अनुसार राशि का आवंटन करते हुए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द विकास कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जारी बजट में इस बार टोहाना विधानसभा क्षेत्र को सबसे अधिक 4.54 करोड़ रुपये मिले हैं।
इसके बाद फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र को 4.47 करोड़ रुपये तथा रतिया विधानसभा क्षेत्र को 4.27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। तीनों विधानसभा क्षेत्रों को लगभग समान हिस्सेदारी देने का प्रयास किया गया है ताकि किसी क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित न हों। इस बजट से गांवों और शहरों में गलियों के निर्माण, चौपालों के जीर्णोद्धार, सामुदायिक भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कृषि खालों तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
खंड स्तर व निकाय स्तर पर मिली ग्रांट
ब्लॉक स्तर पर सबसे अधिक 2.55 करोड़ रुपये बीडीपीओ फतेहाबाद को मिले हैं। इसके अलावा बीडीपीओ टोहाना को 2.26 करोड़, भूना को 2.16 करोड़, भट्टूकलां को 1.89 करोड़, रतिया को 1.65 करोड़, नागपुर को 1.35 करोड़ तथा जाखल को 41.13 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों के लिए भी अलग से बजट तय किया गया है। नगर पालिका रतिया को 31.75 लाख, नगर परिषद टोहाना को 29 लाख, नगर परिषद फतेहाबाद को 17 लाख, नगर पालिका भूना को 15 लाख तथा नगर पालिका जाखल को 6.13 लाख रुपये दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर विकास कार्यों को जल्द शुरू कराया जाएगा।
किस एरिया में कितना खर्च
एपीओ सुनीता ने बताया डी-प्लान के तहत जारी कुल बजट में 7 करोड़ 40 लाख 89 हजार रुपये सामान्य वर्ग तथा 5 करोड़ 88 लाख 52 हजार रुपये अनुसूचित जाति वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस राशि में से 6 करोड़ 92 लाख 26 हजार रुपये सामाजिक एवं बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होंगे। इसके तहत शिक्षा संस्थानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, गोशालाओं और कृषि खालों के निर्माण एवं सुधार के कार्य कराए जाएंगे। वहीं 6 करोड़ 37 लाख 16 हजार रुपये गलियों के पक्के निर्माण, सामुदायिक केंद्रों, गांवों की चौपालों के जीर्णोद्धार और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
प्रस्तावों के आधार पर ग्रांट जारी होती है: डीपीओ
डीपीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि डी-प्लान की राशि का आवंटन स्थानीय आवश्यकताओं और प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर किया गया है। सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू करने तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डी-प्लान की ग्रांट पर हर साल रहती है सबसे ज्यादा नजर
डी-प्लान की ग्रांट को लेकर हर वर्ष जिले के राजनीतिक जनप्रतिनिधियों के बीच सबसे अधिक रस्साकशी देखने को मिलती है। विधायक, जिला परिषद सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि और नगर निकायों के जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए अधिक से अधिक बजट की मांग करते हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए सभी क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाते हुए राशि का वितरण करना आसान नहीं होता।
