ओटीपी मांगने का सिलसिला चल पडा, जनता को जागरूक रहने की जरूरत
ह तो एक अजय जैन थे जिन्होंने अपने सुझबूझ से विक्रम को ओटीपी पासवर्ड नहीं बताया और अपने अकाउन्ट खाली होने से बचा लिया। देश में इस प्रकार से ओटीपी पासवर्ड बताकर प्रतिदिन अनेक लोग ऐसे लोगों के झांसे में कर अपने अकाउन्ट खाली करा रहे है। अजय जैन ने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि इस प्रकार से किसी भी अन्जान व्यक्ति को अपना ओटीपी पासवर्ड किसी भी सूरत में नहीं बतायें वरना बहुत बड़ी जालसाज़ी का शिकार हो सकते है।
उदयपुर। चोखी पेट पूजा से, मुझे चार पिज्जा का आॅर्डर करना है। कितनी देर में तैयार हो जायेंगे। एक कितने का है। चार के चार सौ रूपयें मैं पेटीएम कर देता हूं। आपके मोबाईल पर ओटीपी पासवर्ड आया होगा। बताये ताकि पेटीएम कर सकूं। यह बातचीत हुई थी आज सवेरे, जब माया मिष्ठान के पास बंद हो चुके चोखी पेटपूजा रेस्टारेंट के मालिक अजय जैन के पास विक्रम वाघमरे नामक युवक का फोन आया। अजय जैन ने ओटीपी पासवर्ड बतानें के बजाय विक्रम को कहा कि वह आदमी को भेज देंवे लेकिन विक्रम ने ऐसा नहीं किया। जब उसे यह बताया गया कि माया मिष्ठान के पास यह रेस्टोरेंट बंद हो चुका है और सुखेर में है तो विक्रम ने ठीक है कह कर बात काट दी।
यह तो एक अजय जैन थे जिन्होंने अपने सुझबूझ से विक्रम को ओटीपी पासवर्ड नहीं बताया और अपने अकाउन्ट खाली होने से बचा लिया। देश में इस प्रकार से ओटीपी पासवर्ड बताकर प्रतिदिन अनेक लोग ऐसे लोगों के झांसे में कर अपने अकाउन्ट खाली करा रहे है। अजय जैन ने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि इस प्रकार से किसी भी अन्जान व्यक्ति को अपना ओटीपी पासवर्ड किसी भी सूरत में नहीं बतायें वरना बहुत बड़ी जालसाज़ी का शिकार हो सकते है।