सिनेमाघरों के लाइसेंस की प्रक्रिया अब होगी ऑनलाइन, जाने पूरी प्रक्रिया ?
Udaipur Times, New Delhi : दिल्ली से बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स चलाने के लिए अब अलग-अलग विभागों से एनओसी नहीं लेनी पड़ेगी। दिल्ली सरकार ने सिनेमैटोग्राफ लाइसेंस के लिए नई SOP लागू कर बहु-एनओसी व्यवस्था खत्म कर दी है।
आवेदन से लेकर निरीक्षण, निर्णय और लाइसेंस जारी होने तक पूरी प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए होगी। इसका उद्देश्य लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाना है।
नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस देने का अंतिम अधिकार जिला लाइसेंसिंग समिति (डील्सी) के पास होगा। संबंधित जिले के डीएम या डिप्टी कमिश्नर समिति के अध्यक्ष होंगे। इसमें पुलिस, फायर, नगर निगम या डीडीए, जल बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे। सभी विभागों की जांच एकीकृत प्रक्रिया के तहत होगी और अलग-अलग एनओसी के बजाय संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार होगी।
नई SOP में प्रत्येक चरण के लिए समय-सीमा तय की गई है। आवेदन की प्रारंभिक जांच सात कार्यदिवस में पूरी होगी। इसके बाद जिला निरीक्षण समिति 45 दिन के भीतर संयुक्त निरीक्षण करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद डीएलसी को 30 दिन के भीतरनिर्णय लेना होगा।
यदि निरीक्षण रिपोर्ट में सभी कानूनी और सुरक्षा मानक पूरे पाए गए हैं और डीएलसी निर्धारित अवधि में निर्णय नहीं लेती है तो ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए लाइसेंस स्वतः जारी हो सकेगा। हालांकि सुरक्षा या वैधानिक शर्तें पूरी न होने पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया के साथ सुरक्षा पर जोर : आवेदन, शुल्क भुगतान, निरीक्षण रिपोर्ट, निर्णय और लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निरीक्षण समिति ई-साइन और जियोटैग्ड रिपोर्ट तैयार करेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया आसान करने का मतलब सुरक्षा मानकों में कोई ढील देना नहीं है। सिनेमाघरों में सालाना संयुक्त निरीक्षण, औचक निरीक्षण और वर्ष में दो बार मॉक ड्रिल का प्रावधान होगा।
2015 में बनी थी SOP, अब लागू
सरकार के अनुसार नई SOP वर्ष 2015 में तैयार की गई थी, लेकिन लागू नहीं हो सकी थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई व्यवस्था उपहार सिनेमा त्रासदी से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
