उदयपुर में निकला छड़ियों का झुलूस
नवास-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन आली मकाम एवं 72 जानिषानों की याद में मोहर्रम माह की 7वीं तारीख को छडि़यों का जुलुस जोश-खरोश के साथ निकाला गया।
नवास-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन आली मकाम एवं 72 जानिषानों की याद में मोहर्रम माह की 7वीं तारीख को छडि़यों का जुलुस जोश-खरोश के साथ निकाला गया।
फैजे हुसैन कमेटी (बड़ा ताजिया) के सदस्य षाहनावाज खान ने बताया कि करबला में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन की याद में मंगलवार को छडि़यों का जुलुस जामा मस्जिद से शुरू हुआ जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ अलीपुरा, धोलीे बावड़ी, काली बावड़ी, सुरजपोल, कोठियों की गवाड़ी, खेरादीवाड़ा, अन्जुमन, मोचीवाड़ा, नावघाट, पाण्डुवाड़ी, नागानगरी, कल्लेसात, महावतवाड़ी, दरखानवाड़ी, कारवाड़ी, सिलावटवड़ी, हाथीपोल होते हुए चेतक सर्कल स्थित ईदगाह मस्जिद प्रागण में सम्पन्न हुआ एवं छडि़यां पुनः अपने गन्तव्य को रवाना हो गई।

इससे पूर्व जगह-जगह जुलुस का स्वागत किया गया एवं सबीलें सजाई गई जहां पर कई प्रकार के शीतल पेय, पुलाव, खीर, हलवा एवं कई प्रकार की मिठाईयां तबर्रूक के रूप में बांटी गई।
छड़ियों के जुलुस में युवाओं एवं बच्चों की तादाद अधिक रही। मुस्लिम बहुल्य क्षैत्रों में छडि़यों पर चाँदी, खोपरा, फ्रुट, मिठाई के सेहरे एवं निंबू चढ़ाए गए। नारियल एवं खोपरे के सेहरे ताजिये ठण्डा होने के बाद मोहल्ले में तबर्रूक के रूप में बांटा जायेगा।

शहादत की रात गुरूवार को हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की रात गुरूवार को मनायी जायेगी। इस दौरान विभिन्न मोहल्लों में ताजियों को जियारत के लिये रखा जायेगा।
शुक्रवार को दो चरणों में ताजियों को ठण्डा किया जायेगा। सुबह 10ः00 बजे से एवं शाम को 4ः00 बजे से ताजियों का जुलुस प्रारम्भ होगा।
