नदिया तालाब झीले समाज की वास्तविक स्थिति का प्रतिबिम्ब
असमानता व विषमता को दूर करने एवं स्वच्छ समृद्ध पर्यावरण को बहाल करने से ही सच्ची व वास्तविक स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हर नागरिक को शिक्षाए भोजन, स्वास्थ्य एगरिमामय जीवन एवं सुरक्षित प्राकृतिक परिवेश के सामान अवसर उपलब्ध कराना स्वतंत्रता का संकल्प बने।

असमानता व विषमता को दूर करने एवं स्वच्छ समृद्ध पर्यावरण को बहाल करने से ही सच्ची व वास्तविक स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हर नागरिक को शिक्षाए भोजन, स्वास्थ्य एगरिमामय जीवन एवं सुरक्षित प्राकृतिक परिवेश के सामान अवसर उपलब्ध कराना स्वतंत्रता का संकल्प बने। यह विचार स्वतंत्रता दिवस पूर्व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट में आयोजित संवाद में उभरे। इस अवसर पर अन्न बचाये, जल बचाये, देश बचाये विषयक बैनर को जारी किया गया।
झील मित्र संस्थान के तेज शंकर पालीवाल ने वाले करोडो टन अनाज के झूठन एवं सड़ने गलने से बर्बाद हो जाने को गरीबी एवं भुखमरी का प्रमुख कारण बताया। पालीवाल ने कहा कि अन्न उत्पादन में भारी मात्रा में पानी एरासायनिक खाद एकीटनाशकए बिजली, डीजल की खपत होती है। एक ग्राम अन्न की बर्बादी भी देश को सामाजिक आर्थिक रूप से पीछे धकेल देती है।
समाज विज्ञानी डॉ श्रीराम आर्य कि प्रतिवर्ष पोन दो लाख किसान आत्म ह्त्या कर रहे है एवं करोडो गरीबी में धकेले जा रहे है। यह स्थिति संविधान में परिभाषित लक्ष्यों के विपरीत है।
विद्या भवन पॉलिटेक्निक के प्राचार्य डॉ अनिल मेहता ने कहा कि नदिया तालाब झीले समाज की वास्तविक स्थिति का प्रतिबिम्ब एवं प्रगति व समृद्धि की सूचक है। इनका प्रदूषित होना दर्शाता है कि समाज में गन्दगी एवं अज्ञान है।
वन अधिकारी डॉ ने कहा कि वनो, पहाड़ो एवं वन्यजीवों को हमने लोभ लालच एवं अपसंस्कृति से भ।री नुकशान पहुचाया है। स्वतंत्रता दिवस पर हमें हमारे दृश्टिकोण एवं विकास के आयामो पर आत्म निरिक्षण करना चाहिए। डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि स्वेच्छिकता एवं नागरिकता के मूल्यों में ही सच्ची स्वतंत्रता निहित है। संवाद में गांधीवादी सुशील दशोरा, योगाचार्य जसवंत सिंह टांक, पूर्व मत्स्यकी उप निदेशक इस्माईल अली दुर्गा, अभियंता सोहन लाल तम्बोली, नीना पुरोहित, कुलदीपक पालीवाल, रमेश चन्द्र राजपूत, उदयनन्द पुरोहित सहित कई नागरिको ने अपने विचार व्यक्त किये।
