मोबाइल टावरों से गंभीर रोगों का खतरा
उदयपुर आम उपभोक्ताओं को मोबाइल कवरेज दिलाने के लिए सभी मोबाईल कम्पनीयों में टॉवर लगाने की होड़ लगी हुई है। आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर नवीन मोबाईल टॉवर स्थापित किये जा रहे है।

उदयपुर आम उपभोक्ताओं को मोबाइल कवरेज दिलाने के लिए सभी मोबाईल कम्पनीयों में टॉवर लगाने की होड़ लगी हुई है। आवासीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना कर नवीन मोबाईल टॉवर स्थापित किये जा रहे है।
इसी प्रकार ज्योति पब्लिक स्कूल, पुराना आर.टी.ओ. ऑफिस के पास एक मोबाईल टॉवर छत के उपर लगाया जा रहा है। जबकि सरकार का नियम है कि मोबाईल टॉवर घनी आबादी और स्कूल से 200 मीटर दूर होना चाहिए। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए घनी आबादी और स्कूल एवं छात्रावास के पास ही मोबाईल टॉवर स्थापित किया जा रहा है।
प्रशासन को कई बार लिखित में देने के बावूजद भी कार्यवाही में उपेक्षा की जा रही है। इसे रोकने के लिए कॉलोनीवासी एवं छात्र-छात्राआंे के माता-पिता ने भी जिला कलेक्टर से पूर्व में मिलकर बात की लेकिन जिला कलेक्टर का स्थानान्तरण होते ही मोबाईल टॉवर कम्पनी एवं मकान मालिक ने मिलकर टॉवर लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।
मोबाईलों के टावर से निकने वाली रेडि़यों फ्रिक्वेंसी तरंगों से आस पास निवास करने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं वृद्धजनों को रेडियेशन से ब्रेन ट्यूमर, कैंसर, हृदय रोग, तनाव, हेडेक (सिर भारी रहना), माईग्रेन (आधाशीशी), त्वचा एवं बाल संबंधी आदि गंभीर बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो जायेगा। जैसा कि महानगरों में हो रहा है।
