टू-व्हीलर्स के बदलेंगे नियम ! नए बाइक और स्कूटरों में लगेंगे स्पीड अलर्ट और रिफ्लेक्टिव टायर्स
Udaipur Times, New Delhi : देश में सड़क हादसों को कम करने और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार वाहन सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के प्रस्ताव के तहत आने वाले समय में देश में बनने और बिकने वाले नए बाइक और स्कूटरों में कुछ अतिरिक्त सुरक्षा फीचर्स को अनिवार्य किया जा सकता है।
प्रस्तावित बदलावों में स्पीड अलर्ट सिस्टम और रिफ्लेक्टिव टायर्स या रिफ्लेक्टिव टेपिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य खासतौर पर तेज रफ्तार के कारण होने वाले हादसों को कम करना और रात या कम विजिबिलिटी वाले समय में दोपहिया वाहनों को दूसरे वाहन चालकों के लिए ज्यादा आसानी से दिखाई देने योग्य बनाना है।
तेज रफ्तार पर अब बाइक-स्कूटर देंगे अलर्ट
नए प्रस्ताव के तहत दोपहिया वाहनों में स्पीड अलर्ट सिस्टम दिया जा सकता है। यह सिस्टम वाहन के निर्धारित स्पीड लिमिट से ज्यादा रफ्तार पकड़ने पर चालक को ऑडियो या विजुअल सिग्नल के जरिए चेतावनी देगा।
फिलहाल कारों समेत कई चार पहिया वाहनों में तय गति सीमा पार करने पर अलर्ट या बीप की सुविधा देखने को मिलती है। इसी तरह की व्यवस्था को बाइक और स्कूटरों में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
इसका मकसद चालक को लगातार अपनी स्पीड पर नजर रखने के लिए सतर्क करना है। सरकार का मानना है कि ओवरस्पीडिंग को नियंत्रित करने से सड़क हादसों की गंभीरता और संख्या को कम करने में मदद मिल सकती है।
रात में दूर से नजर आएंगे बाइक और स्कूटर
प्रस्तावित बदलावों में रिफ्लेक्टिव टायर या रिफ्लेक्टिव टेपिंग भी अहम हिस्सा है। रात के समय सड़क पर चल रहे या खड़े दोपहिया वाहन कई बार पीछे से आने वाले वाहनों को आसानी से दिखाई नहीं देते। खासकर कम रोशनी, बारिश या कोहरे की स्थिति में यह समस्या और बढ़ जाती है।
रिफ्लेक्टिव सामग्री पर जब किसी वाहन की हेडलाइट पड़ती है तो यह रोशनी को वापस रिफ्लेक्ट करती है। इससे बाइक या स्कूटर दूर से ही दूसरे वाहन चालक को नजर आ सकता है।
सरकार वाहनों के पीछे और साइड हिस्सों पर हाई-विजिबिलिटी रिफ्लेक्टिव टेप या स्टिकर के इस्तेमाल को लेकर भी नियम बनाने पर विचार कर सकती है।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है सरकार का उद्देश्य
भारत में सड़क हादसों में दोपहिया वाहन बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। ऐसे में बाइक और स्कूटरों में सुरक्षा तकनीक को मजबूत करना सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्पीड अलर्ट जहां चालक को तेज रफ्तार से बचने के लिए सचेत करेगा, वहीं रिफ्लेक्टिव टायर या टेपिंग रात में वाहन की विजिबिलिटी बढ़ाने में मदद कर सकती है। दोनों सुविधाओं का उद्देश्य अलग-अलग परिस्थितियों में हादसों का जोखिम कम करना है।
ऑटो कंपनियों से चल रही है सरकार की चर्चा
इन प्रस्तावित सुरक्षा बदलावों को लेकर सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों और इंडस्ट्री से जुड़े पक्षों के साथ चर्चा कर रही है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो वाहन निर्माताओं को भविष्य में नए दोपहिया वाहनों के डिजाइन और निर्माण में इन सुरक्षा फीचर्स को शामिल करना पड़ सकता है।
हालांकि, अभी इन नियमों को लागू करने की अंतिम तारीख तय नहीं हुई है। सरकार की ओर से प्रस्ताव और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसकी समयसीमा और अंतिम नियमों की तस्वीर साफ होगी।
जाने नए बाइक-स्कूटर खरीदने वालों पर क्या होगा असर?
अगर ये बदलाव लागू होते हैं तो भविष्य में बाजार में आने वाले नए बाइक और स्कूटर पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षा फीचर्स के साथ मिल सकते हैं। इससे वाहन खरीदने वालों को भी अतिरिक्त सुरक्षा का फायदा मिलेगा।
हालांकि, इन बदलावों का अंतिम स्वरूप क्या होगा, किन वाहनों पर लागू होगा और नियम कब से प्रभावी होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी सरकार की अंतिम अधिसूचना के बाद ही सामने आएगी।