बचपन में उठा पिता का साया, दादा की पेंशन से हुई पढ़ाई से भाई बहन एक साथ बने अफसर
Udaipur Times, Success Story : कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और परिवार का साथ मिले, तो कोई भी मुश्किल मंजिल का रास्ता नहीं रोक सकती। बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर के रहने वाले भाई-बहन ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। पिता के असमय निधन के बाद दादा की पेंशन के सहारे पढ़ाई करने वाले दोनों भाई-बहन आज सरकारी अधिकारी बन गए हैं।
एक ही सप्ताह में मिली दोहरी सफलता ने पूरे परिवार की खुशियां दोगुनी कर दीं। भाई अमित आनंद का चयन बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर (Bank PO) के पद पर हुआ है, जबकि उनकी बहन अर्पिता सिंह ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा पास कर ब्लॉक पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) का पद हासिल किया है।
एक ही परिवार के दो अफसर
अमित आनंद ने बताया कि 12 जून 2026 को IBPS की रिजर्व सूची जारी हुई, जिसमें उनका चयन बैंक पीओ के रूप में हुआ। परिवार इस सफलता का जश्न मना ही रहा था कि 20 जून 2026 को 70वीं BPSC परीक्षा का परिणाम आया और बहन अर्पिता सिंह भी BPRO बन गईं। इस तरह एक ही सप्ताह में परिवार को दो बड़ी खुशियां मिलीं।
अमित का दावा है कि हाजीपुर (वैशाली) क्षेत्र में संभवतः पहली बार एक ही परिवार के भाई-बहन ने एक साथ सरकारी अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया है।
दादा की पेंशन बनी सबसे बड़ा सहारा
दोनों भाई-बहनों के लिए यह सफलता आसान नहीं थी। बचपन में ही पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजरने लगा। ऐसे कठिन समय में दादा की पेंशन ही पढ़ाई का मुख्य सहारा बनी। सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों ने मेहनत जारी रखी और आखिरकार अपनी मंजिल हासिल कर ली।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
आज अमित आनंद बैंक पीओ की ट्रेनिंग के लिए पुणे में हैं, जबकि अर्पिता सिंह BPSC में सफलता के बाद अपनी नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रही हैं। संघर्ष, मेहनत और परिवार के सहयोग से मिली उनकी यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
