हरियाणा में ग्रुप-सी के कर्मचारियों के लिए आई बड़ी अपडेट, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

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हरियाणा में ग्रुप-सी के कर्मचारियों के लिए आई बड़ी अपडेट, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

Udaipur Times, Haryana news: हरियाणा में ग्रुप-सी (Group-C) के तहत चयनित 10,458 कर्मचारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। सर्वोच्च न्यायालय ने इन कर्मियों की नौकरी पर मंडरा रहे खतरे को पूरी तरह से टालते हुए उनकी सेवा में बने रहने का रास्ता साफ कर दिया है।


अदालत ने उस विशेष अनुमति याचिका (SLP) को सिरे से खारिज कर दिया है, जो पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। बता दें कि हाई कोर्ट ने 27 मार्च को 24 ग्रुपों की भर्ती प्रक्रिया को सही माना था, जिसके खिलाफ कुछ अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।


 सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें:
 * सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी: हाई कोर्ट ने अपने पहले के फैसले में स्पष्ट किया था कि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित उम्मीदवार लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में बिना उन्हें पक्षकार बनाए उनके चयन को प्रभावित नहीं किया जा सकता।


 * भविष्य की भर्तियों पर लागू होंगे निर्देश: न्यायालय ने यह भी साफ कर दिया है कि भविष्य के लिए आयोग को दिए गए दिशा-निर्देश केवल आगामी भर्तियों पर ही लागू होंगे। वर्तमान में 24 ग्रुपों के चयनित और नियुक्त अभ्यर्थी कानून के अनुसार अपनी सेवा में बने रहेंगे।


 * सीईटी-2 मेरिट पर असर नहीं: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने माना था कि सामाजिक-आर्थिक अंकों का सीईटी-2 (CET-2) के लिए अभ्यर्थियों को बुलाने की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था, इसलिए पूर्व में भर्ती प्रक्रिया और सीईटी परिणामों को निरस्त करने संबंधी आदेशों में त्रुटि थी।


 "आयोग ने हर स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा पक्ष" — हिम्मत सिंह (अध्यक्ष, HSSC)
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा:
 "यह फैसला ग्रुप-सी भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों के हित में आया है। पूरे प्रकरण के दौरान आयोग अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ा रहा। हमने हर स्तर पर तथ्यों और नियमों के आधार पर अपना पक्ष बेहद प्रभावी ढंग से रखा। सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, विधिक प्रक्रिया और चयनित अभ्यर्थियों के अधिकारों पर विश्वास को और मजबूत करता है।"

  मुख्य बिंदु जो आपको जानने जरूरी हैं:
 * कुल लाभांवित कर्मी: 10,458 ग्रुप-सी कर्मचारी।
 * मामला: 24 ग्रुपों की भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली SLP खारिज।
 * राहत: सभी नियुक्त कर्मचारी बिना किसी रुकावट के अपनी नौकरी पर बने रहेंगे।

 

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