दो दिवसीय इन्डक्शन कार्यक्रम सम्पन्न
सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय बी.बी.एम. प्रोग्राम के इन्डक्शन कार्यक्रम का समापन शनिवार को हुआ। मुख्य अतिथि पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रेसीडेन्ट प्रो. बी.पी. शर्मा थे।
सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय बी.बी.एम. प्रोग्राम के इन्डक्शन कार्यक्रम का समापन शनिवार को हुआ। मुख्य अतिथि पेसिफिक विश्वविद्यालय के प्रेसीडेन्ट प्रो. बी.पी. शर्मा थे। अध्यक्षता वाणिज्य महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. विजय श्रीमाली ने की जबकि विशिष्ठ अतिथि प्रो. डी.एस. चुण्डावत चेयरमैन विश्वविद्यालय क्रीडा मण्डल थे।
इस अवसर पर प्रो.बी.पी. शर्मा ने राष्ट्रीय एवं अन्र्तराष्ट्रीय आर्थिक परीदृश्य पर प्रकाश डालते हुए यह अफसोस जाहिर किया कि विश्व में सूचना एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारतीय अहम भूमिका निभा रहे है किन्तु इनका वास्तविक लाभ विकसित राष्ट्र उठा रहे हैं और हमारे साफ्टवेयर इन्जीनियरस की स्थिति एक शरीरीक मजदूर की तरह हो गई है।
उन्होंने कहा कि यदि सफल व्यक्तित्व का निर्माण करना है तो व्यवसायिक निर्णय एवं आर्थिक वातावरण में तालमेल होना चाहिए ताकि भारतीय कम्पनियां अपने उत्पादों में नवाचार लाकर के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा हो सके।
विशिष्ट अतिथि प्रो. डी.एस. चूण्डावत ने प्रभावशाली प्रबन्धकीय क्षमता को समय प्रबन्धन के माध्यम से कैसे विकसित कर सकते है पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर विजय श्रीमाली ने बताया कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय ब्राण्ड के रूप में अपने आप को विकसित करे ताकि अन्य महाविद्यालयों के लिए आदर्श बन सके।
प्रबंध में नैतिकता पर आयोजित द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता प्रोफेसर इंचार्ज विश्वविद्यालय केन्द्रीय पुस्तकालय प्रो. जी. सोरल थे। अंतिम सत्र मंहगाई, विदेशी विनिमय और मुद्रा स्फति पर था जिसके मुख्य वक्ता प्रो. पी.के. सिंह थे।
