जितनी बुरी कहीं जाती है,उतनी बुरी नहीं है दुनिया
द यूनिवर्सल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल फतहपुरा द्वारा आज विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ साहित्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि देश के जाने माने शायर, गजल-गीतकार, सीनियर टीवी जर्नललिस्ट आलोक श्रीवास्तव एंव मुख्य अतिथि सर्व धर्म मैत्री स
द यूनिवर्सल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल फतहपुरा द्वारा आज विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ साहित्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि देश के जाने माने शायर, गजल-गीतकार, सीनियर टीवी जर्नललिस्ट आलोक श्रीवास्तव एंव मुख्य अतिथि सर्व धर्म मैत्री संघ के अध्यक्ष संदीप सिंघटवाड़िया थे जबकि अध्यक्षता उदयपुर शहर के कवि अजातशत्रु ने की।
विद्यालय प्राचार्या मोनिका सिंघटवाड़िया ने बताया कि साहित्यिक गोष्ठी में आलोक श्रीवास्तव ने बच्चों को अपनी गीतों, गजलों, शायरियों को सुनाकर माहाल को खुशनुमा बना दिया। इस अवसर पर श्रीवास्तव ने अपनी रचना सुनाते हुए कहा कि जितनी बुरी कहीं जाती है, उतनी बुरी नहीं है दुनिया, बच्चों के स्कूल में शायद तुमसे मिली नहीं है दुनिया…..,पर बच्चों ने तालियों की खूब दाद दी।
कार्यक्रम में बच्चों के लिये कैरियर कॉउंन्सलिंग कर उनको पढ़ने और सोचने के तरीके बताये जो बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिये बहुत लाभकारी सिद्ध होंगे। उनकी लिखी किताबें आमरीन और आफरीन पर भी बच्चों को बारीकी से समझाया। उनकी सबसे चर्चित कविता अम्मा बाबूजी को सुनाकर सभी को गद-गद कर दिया। इस अवसर पर कवि अजातशत्रु ने बच्चों को कविता लिखने और बोलने के तरीके को बखूबी तरीके से सिखाया और कई कविताओं का पाठ भी किया। इस तरह उन्होंने देशभक्ति, संस्कार एवं शिक्षा के महत्व को समझाया।
प्रधानाध्यापिका डॉ अनुभा माथुर ने बताया इस तरह की गोष्ठी करने से बच्चों को प्रैक्टिकल ज्ञान बहुत मिलता है। आलोक श्रीवास्तव के लिखे गीतों गजलों को जगजीतसिंह, पंकज उदास, उदित नारायण, अलका याग्निक, तलत अजीज, जसविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह और क्लासिकल गायिका शुभा मुदगल ने अपनी आवाज में उनको पिरोया। आलोक श्रीवास्तव दुष्यंत कुमार अवार्ड से भी सम्मानित हो चुके है।
