यहां बनने जा रहा दुनिया का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा पार्क ! 15 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

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यहां बनने जा रहा दुनिया का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा पार्क ! 15 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

Udaipur Times, World's Largest Hybrid Renewable Energy Park : देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा पार्क में 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी की कुल परिचालन नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 9,478 मेगावाट हो गई है। कंपनी ने साल 2030 तक 45,000 मेगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

12 महीने से भी कम समय में हासिल की उपलब्धि

अडाणी ग्रीन ने खावड़ा परियोजना पर काम शुरू करने के 12 महीने से भी कम समय में 1,000 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता तैयार कर ली। इसके लिए करीब 24 लाख सौर मॉड्यूल लगाए गए। कंपनी की यह तेज प्रगति भारत के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य को मजबूती देने वाली मानी जा रही है। अडाणी के अलावा पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया इलेक्ट्रिक पावर ट्रांसमिशन को मैनेज करेगी 

पांच पेरिस शहरों जितने क्षेत्र में फैला है परियोजना क्षेत्र

खावड़ा में विकसित हो रहा 30 गीगावाट क्षमता वाला यह नवीकरणीय ऊर्जा पार्क 538 वर्ग किलोमीटर बंजर भूमि में फैला हुआ है। इसका क्षेत्रफल फ्रांस की राजधानी पेरिस से लगभग पांच गुना बड़ा है। अगले पांच वर्षों में इस परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है।

15 हजार से ज्यादा हरित रोजगार सृजित होंगे

इस मेगा परियोजना से 15,200 से अधिक हरित रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इसके अलावा स्थानीय अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगी।

पानी बचाने के लिए रोबोट करेंगे सोलर पैनलों की सफाई

खावड़ा परियोजना में कई अत्याधुनिक और टिकाऊ तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सौर पैनलों पर धूल जमने की समस्या से निपटने और बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी पूरे संयंत्र में बिना पानी से सफाई करने वाले रोबोट तैनात करेगी। इससे कच्छ जैसे शुष्क क्षेत्र में पानी की बचत होगी और कंपनी के जल-तटस्थता लक्ष्य को भी मदद मिलेगी।

स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत को मिलेगी मजबूती

अडाणी ग्रीन का कहना है कि खावड़ा परियोजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विकास को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

कंपनी वर्तमान में 12 राज्यों में 9 गीगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो का संचालन कर रही है और राजस्थान के जैसलमेर में दुनिया के सबसे बड़े पवन-सौर हाइब्रिड ऊर्जा क्लस्टर का विकास भी कर चुकी है।

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