झील घाट विकास में लग रही धनराशि का सदुपयोग हो
झील मित्र संस्थान , झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रमदान के दौरान पिछोला के अमरकुंड क्षेत्र से शराब की बोतले, सडा मांस,गली हुई रोटिया,सब्जिया, फल,घरेलु कचरा ,नारियल,फुलमलाये, जलीय घास व पोलिथिन निकाली।

झील मित्र संस्थान , झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रमदान के दौरान पिछोला के अमरकुंड क्षेत्र से शराब की बोतले, सडा मांस,गली हुई रोटिया,सब्जिया, फल,घरेलु कचरा ,नारियल,फुलमलाये, जलीय घास व पोलिथिन निकाली।
श्रमदान रमेश चन्द्र राजपूत,अजय सोनी,रामलाल गेहलोत,दीपेश स्वर्णकार,कुलदीपक पालीवाल,दुर्गा शंकर पालीवाल,जसवंत सिंह टांक,बी एल पालीवाल, तेज शंकर पालीवाल व नन्द किशोर शर्मा ने भाग लिया।
श्रमदान पश्चात हुए संवाद में तेज शंकर पालीवाल, अनिल मेहता व नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि राष्ट्रिय झील संरक्षण योजना के तहत हो रहे घाट विकास के कार्यो में गुणवत्ता सुधारी जाए।
घाटो पर फर्शी व बंशी के कार्यो में गुणवत्तापूर्ण सामग्री एवं दक्ष कारीगरों का अभाव है। प्रशासन से अनुरोध है कि वह झील घाट विकास में लग रही धनराशि का सदुपयोग करे।
