जहां कभी एक बूंद भी नहीं था पीने का पानी ! इस खास मॉडल ने बदल दी पूरे जिले की तस्वीर

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जहां कभी एक बूंद भी नहीं था पीने का पानी ! इस खास मॉडल ने बदल दी पूरे जिले की तस्वीर  

Udaipur Times, Rajnandgaon Mission Jal Raksha : इन दिनों भारत के अधिकांश राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के इस मौसम में देश के ज्यादातर हिस्सों में पानी का संकट गहराने लगता है। लेकिन आज हम आपको छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले के गांव की कहानी बताने जा रहे हैं जहां का अलग ही नजारा है।

जानकारी के अनुसार आज हम आपको जिस जगह के बारे में बताने वाले है जहां मई-जून के महीने की तपती दोपहर में भी पानी नहीं था। एक वक्त ऐसा था जहां 45 डिग्री से अधिक तापमान होने पर जहां पानी नहीं था वहाँ की 58 पंचायतें ने एसा काम कर दिया है की अब उनके यह पानी की कोई कमी नहीं रही पानी की पूर्ति पूरी हो रही हैं, जहां सर्दी खत्म होते ही लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था वहाँ अब पानी की समस्या खत्म हो गई है।  Rajnandgaon Mission Jal Raksha

चर्चा पूरे देश में

मिली जानकारी के मुताबिक दो साल की वैज्ञानिक योजना, यहां बारिश की हर बूंद को जमीन के भीतर पहुंचाने की सोच के पीछे यहां के लोगों ने बड़ी मेहनत है। एक समय था जब राजनंदगांव में भूजल स्तर गिर गया था और जल संकट काफी हद तक बढ़ गया था, आज इस जिले ने आज ऐसा मॉडल खड़ा किया है, जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। 

Rajnandgaon Mission JSW TOI अर्थ केयर अवार्ड से  से हाल ही में राजनंदगांव को जिले को सम्मानित किया गया है। Rajnandgaon Mission Jal Raksha

बदली जिले की तस्वीर

जानकारी के मुताबिक राजनंदगांव के कलेक्टर ने बताया कि बीते दो सालों में जिला प्रशासन ने GIS मैपिंग, रिमोट सेंसिंग, भूगर्भीय सर्वे और रिज टू वैली हाइड्रोलॉजिकल प्लानिंग की मदद से बारिश के पानी के बहाव और भूजल का अध्ययन कर यहां नया प्लान टाएआर किया जिससे जल सरखक्षण हो सके। 

Rajnandgaon Mission  जानकारी के अनुसार फिर जिले भर में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल्स, रिचार्ज शाफ्ट, कंटूर ट्रेंच, सोक पिट, गैबियन स्ट्रक्चर और फार्म पॉन्ड जैसे हजारों ढांचे ने इस जल रक्षा ने जिले की तस्वीर बदल दी। Rajnandgaon Mission Jal Raksha

जल सकंट की समस्या 

जानकारी के अनुसार केंद्रीय भूजल बोर्ड के आकलन के मुताबिक, राजनंदगांव के तीन ब्लॉक अत्यधिक भूजल दोहन के कारण सेमी क्रिटिकल श्रेणी में आ गए थे। 

जिले में 300 से ज्यादा गांवों में भूजल स्तर गिरने के संकेत मिलने लगे थे। Rajnandgaon Mission Jal Raksha पिछले साल यहां तापमान करीब 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। तालाब सूख रहे थे, बोरवेल कमजोर पड़ रहे थे और ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी का दबाव बढ़ रहा था। 

जानकारी के मुताबिक ऐसे में प्रशासन ने नया प्लान टाएआर किया जिससे यहां कि बारिश की हर बूंद को जितना संभव हो, जमीन में उतारा जाए टाकी यहां की जल संकट की समस्या को खत्म किया जा सके।

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