हरियाणा में नौकरियों की आएगी बहार ! सरकार यहां बसाने जा रही नए शहर

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हरियाणा में नौकरियों की आएगी बहार ! सरकार यहां बसाने जा रही नए शहर 

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के विकास का सबसे बड़ा केंद्र अब कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का पूरा बेल्ट बनने जा रहा है। Draft Regional Plan-2041 में इस पूरे क्षेत्र को “सेंट्रल NCR (CNCR)” का दर्जा देते हुए इसे “Golden Ring of Opportunity” यानी अवसरों की स्वर्णिम रिंग घोषित किया गया है। यह योजना NCR Planning Board (NCRPB) की 16 जून को होने वाली बैठक में विस्तार से चर्चा के लिए रखी जाएगी।

सबसे तेज विकास वाला क्षेत्र बनेगा CNCR

योजना के अनुसार CNCR को NCR का सबसे हाई-इंटेंसिटी डेवलपमेंट जोन बनाया जाएगा। इसमें शामिल होंगे घनी मिश्रित शहरी विकास (Mixed-use development), अधिक फ्लोर एरिया रेशियो (FAR), ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) क्लस्टर और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश। यह क्षेत्र दिल्ली से बाहर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के 5 किलोमीटर दायरे तक फैला होगा।

पांच नए शहरों का रास्ता साफ

इस पूरे फ्रेमवर्क के तहत हरियाणा सरकार पहले से ही KMP एक्सप्रेसवे के किनारे “पंचग्राम” योजना प्रस्तावित कर चुकी है। इसके तहत पांच नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जायेंगे। यह शहरी और औद्योगिक टाउनशिप लगभग 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएंगी और इन्हें एक अलग विकास प्राधिकरण द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।

बड़ा औद्योगिक और निवेश हब बनेगा क्षेत्र

इस योजना में दक्षिणी हिस्से के मानेसर–बावल निवेश क्षेत्र को भी शामिल किया गया है, जो पहले से ही दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जुड़ा एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। इसके जुड़ने से यह पूरा कॉरिडोर एक बड़े राष्ट्रीय औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तैयारी

KMP कॉरिडोर के साथ आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करने की भी योजना है। इसके तहत कई बड़े इंटरचेंज और ट्रांसपोर्ट हब बनाए जाएंगे मानेसर के पास पंचगांव चौक पर बड़ा मल्टीमॉडल हब  (RRTS, मेट्रो और रेलवे लाइन का एकीकरण),  गुरुग्राम के खेड़की दौला क्षेत्र में दूसरा बड़ा ट्रांसपोर्ट हब  (RRTS, मेट्रो और बस सेवाओं का नेटवर्क)। इससे पूरे NCR में तेज और एकीकृत आवागमन संभव होगा।

“गोल्डन रिंग” बनेगा NCR का विकास इंजन

KMP और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का यह पूरा बेल्ट अब NCR का सबसे महत्वपूर्ण विकास इंजन बनने की ओर बढ़ रहा है। इसे पांच नीति क्षेत्रों में सबसे प्रमुख माना गया है, जिनमें दिल्ली, हाईवे TOD जोन, प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र और अन्य NCR क्षेत्र शामिल हैं।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के बनेंगे नए अवसर

इससे गुरुग्राम, मानेसर, बावल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। केएमपी कारिडोर में अत्याधुनिक मल्टीमाडल ट्रांसपोर्ट स्टेशन विकसित किए जाएंगे। पंचगांव चौक (मानेसर) में दिल्ली-अलवर आरआरटीएस, गुरुग्राम-मानेसर मेट्रो और झज्जर-पलवल रेल लाइन को जोड़ा जाएगा। खेडक़ी दौला (गुरुग्राम) में आरआरटीएस, मेट्रो और बस सेवाओं का एकीकृत केंद्र विकसित होगा। 

हरियाणा का 60 प्रतिशत हिस्सा NCR से हो सकता है बाहर 

चर्चा है कि नया फार्मूले के लागू होने पर हरियाणा में एनसीआर क्षेत्र घटकर करीब 10.5 हजार वर्ग किलोमीटर तक रह सकता है। राज्य का एनसीआर क्षेत्र करीब 60 प्रतिशत तक सिमट जाएगा। हालांकि हरियाणा सरकार ने 11 राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर चौड़ा कारिडोर एनसीआर में बनाए रखने की सिफारिश की है ताकि सड़क नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों के जरिये दिल्ली क्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों में विकास की गति प्रभावित न हो।

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