कला मण्डल के 63वें स्थापना दिवस पर होगी रंगारंग प्रस्तुतियॉं
भारतीय लोक कला मण्डल के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर 7 दिवसीय समारोह का आगाज आज (21 फरवरी) से होगा व 27 फरवरी तक चलेगा।
भारतीय लोक कला मण्डल के 63वें स्थापना दिवस के अवसर पर 7 दिवसीय समारोह का आगाज आज (21 फरवरी) से होगा व 27 फरवरी तक चलेगा।
संस्था के मानद सचिव रियाज तहसीन ने बताया कि संस्था के संस्थापक पद्मश्री देवीलाल सामर ने 62 वर्ष पूर्व कलाओं व कलाकारों को संरक्षण प्रदान करने के उद्धेश्य से इसकी स्थापना की थी, तब से यह संस्था निरन्तर कलाओं व कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर उन्हें विश्व स्तर पर स्थापित कर, गौरव प्रदान करवाया है।
सात दिवसीय समारोह व 10वाँ देवीलाल सामर स्मृति नाट्य समारोह का आगाज 21 फरवरी की शाम स्वामी विवेकानन्द कठपुतली नाटिका के प्रदर्शन से होगा। इस नाटिका के उ.प्र., दिल्ली, हरियाणा, पं.बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान सहित 129 सफल प्रदर्शन हो चुके हैं।
रियाज तहसीन ने बताया कि नाट्य समारोह एवं स्थापना दिवस समारोह स्थानीय संस्था दि परफोरमर्स एवं कुरूक्षेत्र की संस्था मल्टी आर्ट कल्चरल सेन्टर के संयुक्त तत्वावधान में मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को हरियाणा के लोक नृत्यों की प्रस्तुति होगी। 23 फरवरी को नाटक गधे की बारात, 24 फरवरी को जिस लाहौर नहीं देख्या, 25 फरवरी को संध्या छाया, 26 फरवरी को जिन्दगी अनलिमिटड और 27 फरवरी को सैंया भए कोतवाल का प्रदर्शन प्रतिदिन सायं 7.30 बजे से आमजन के लिए होगा।
