7 राज्यों की होगी महाकनेक्टिविटी ! 75 KM लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे होगा तैयार, जाने क्या-क्या मिलेगा फायदा ?

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7 राज्यों की होगी महाकनेक्टिविटी ! 75 KM लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे होगा तैयार, जाने क्या-क्या मिलेगा फायदा ?

Udaipur Times, New Delhi : देशभर में आए दिन सड़कों का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है, ताकि सभी राज्यों में ज्यादा से ज्यादा कनेक्टिविटी बढ़ाई जा सकें। देश के बड़े बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूती देते हुए गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक विशाल महा-एक्सप्रेसवे ग्रिड (Mega Expressway Grid) तैयार किया जा रहा है। इस महाकनेक्टिविटी नेटवर्क से उत्तर भारत सहित 7 राज्यों का सफर बेहद आसान और तेज होने वाला है।

इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी (Full Update) नीचे दी गई है

1. कैसे आपस में जुड़ेंगे ये तीनों एक्सप्रेसवे? (लिंक कॉरिडोर)

इस ग्रिड को अमलीजामा पहनाने के लिए दो प्रमुख लिंक एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं

गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 75 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र के पास गंगा एक्सप्रेसवे को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। यह जेवर और बुलंदशहर के विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगा।

जेवर-बल्लभगढ़ लिंक कॉरिडोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ के रास्ते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए इस नए लिंक पर तेजी से काम चल रहा है।

2. किन 7 राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा?

इस महा-ग्रिड के तैयार होने से देश के 7 बड़े राज्यों की कनेक्टिविटी आपस में seamless हो जाएगी

दिल्ली-NCR यूपी, राजस्थान और पंजाब की ओर से आने वाले भारी वाहनों को दिल्ली शहर के अंदर प्रवेश किए बिना बाईपास रूट मिल जाएगा।

उत्तर प्रदेश पूर्वी यूपी (प्रयागराज, वाराणसी, रायबरेली) से लेकर पश्चिमी यूपी (बुलंदशहर, मथुरा, आगरा) और नोएडा-जेवर तक का सफर आपस मेंगूंथ दिया जाएगा।

हरियाणा फरीदाबाद और बल्लभगढ़ बेल्ट सीधे जेवर एयरपोर्ट और मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।

राजस्थान जयपुर और दौसा जैसे शहर सीधे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएंगे।

मध्य प्रदेश दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रूट के जरिए रतलाम और आसपास के क्षेत्र इस ग्रिड से जुड़ेंगे।

गुजरात वडोदरा और सूरत जैसे प्रमुख व्यावसायिक शहर भी इस सुपरफास्ट नेटवर्क के दायरे में आएंगे।

महाराष्ट्र दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मार्फत भविष्य में मुंबई तक की निर्बाध कनेक्टिविटी का रास्ता मजबूत होगा।

3. सफर के समय (Travel Time) में कितनी होगी भारी कमी?

इस महाकनेक्टिविटी के पूरा होने से प्रमुख शहरों के बीच की दूरियां घंटों में सिमट जाएंगी

प्रयागराज से दिल्ली/जेवर जो सफर पहले 11 से 12 घंटे का होता था, वह घटकर लगभग 5 से 6 घंटे का रह जाएगा।

आगरा से जयपुर पारंपरिक रूट के मुकाबले अब यह दूरी महज लगभग 3 घंटे में पूरी हो सकेगी।

प्रयागराज से जयपुर दोनों शहरों के बीच का यात्रा समय भी लगभग आधा होने का अनुमान है।

4. आर्थिक और औद्योगिक लाभ

लॉजिस्टिक्स और कार्गो जेवर एयरपोर्ट के पास बन रहे इस इंडस्ट्रियल और एक्सप्रेसवे हब से मालवाहक वाहनों (Cargo Trucks) के लिए देश के पश्चिमी और पूर्वी छोर तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा इस नेटवर्क के जरिए ब्रज क्षेत्र, आगरा, जयपुर, और उत्तर प्रदेश के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों तक देश के दूर-दराज हिस्सों से पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी।

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