राजस्थान के 6707 गांवों में अब नहीं रहेगी पानी की कमी ! यहां तैयार हुआ 28 KM का विशाल जलाशय

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राजस्थान के 6707 गांवों में अब नहीं रहेगी पानी की कमी ! यहां तैयार हुआ 28 KM का विशाल जलाशय

Udaipur Times, water collection : राजस्थान के थार रेगिस्तान में इस मानसून एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। जैसलमेर जिले के घांटियाली क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना की मुख्य नहर पर बने आरडी-1356 एस्केप को विशाल जलाशय (एस्केप रिजर्वायर) में बदल दिया गया है। करीब 28 किलोमीटर परिधि वाले इस जलाशय में मानसून के दौरान नहर का अतिरिक्त पानी संग्रहित किया जाएगा। इसकी कुल भंडारण क्षमता 1406 एमसीएफटी (MCFT) है।

अब सीमा पार नहीं जाएगा अतिरिक्त पानी

अब तक मानसून के दौरान पंजाब से इंदिरा गांधी नहर में आने वाला अतिरिक्त पानी सिंचाई की मांग कम होने के कारण उपयोग नहीं हो पाता था। संग्रहण की व्यवस्था नहीं होने से यह पानी नहरों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बह जाता था। अब इस पानी को जैसलमेर के नए रिजर्वायर में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य में इसका उपयोग किया जा सकेगा।

एचडीपीई शीट से रोका जाएगा पानी का रिसाव

बुर्जी-1356 एस्केप रिजर्वायर की औसत गहराई करीब 13 मीटर है। रेतीली जमीन में पानी के रिसाव को रोकने के लिए जलाशय की तली और ढलानों पर विशेष एचडीपीई (HDPE) शीट बिछाई गई है। इससे लंबे समय तक पानी सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सकेगा।

नहरबंदी के दौरान मिलेगा पेयजल का सहारा

नहरबंदी के समय जब इंदिरा गांधी नहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है, तब यह जलाशय सुरक्षित जल भंडार के रूप में काम करेगा। यहां जमा पानी से पेयजल परियोजनाओं को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पश्चिमी राजस्थान में पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।

चार स्थानों पर बन रहे हैं एस्केप रिजर्वायर

राज्य सरकार इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत चार स्थानों पर एस्केप रिजर्वायर विकसित कर रही है-

आरडी-507 – सत्तासर, बीकानेर
आरडी-750 – गजनेर लिफ्ट परियोजना क्षेत्र, बीकानेर
आरडी-1121 – जोधपुर
आरडी-1356 – बुर्जी, जैसलमेर

इनमें आरडी-507 और बुर्जी-1356 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

20 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

इन चार जलाशयों में संग्रहित पानी का उपयोग जल जीवन मिशन की 43 बड़ी पेयजल परियोजनाओं में किया जाएगा। इससे 6,707 गांवों के 20 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। 

जैसलमेर, बाड़मेर और पश्चिमी राजस्थान के अन्य इलाकों में जहां भूजल खारा है और बारिश सीमित होती है, वहां यह परियोजना पेयजल संकट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भजनलाल सरकार ने दी परियोजना को रफ्तार

इस एस्केप रिजर्वायर की योजना लंबे समय से प्रस्तावित थी, लेकिन काम धीमी गति से चल रहा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार बनने के बाद परियोजना में तेजी लाई गई और अब जैसलमेर का बुर्जी-1356 एस्केप रिजर्वायर पूरी तरह तैयार हो चुका है। मानसून में इसके भरने के बाद थार के रेगिस्तान के बीच यह कृत्रिम झील समुद्र जैसा नजारा पेश करेगी। साथ ही, जो पानी पहले हर साल सीमा पार बह जाता था, अब वही पश्चिमी राजस्थान के लाखों लोगों की प्यास बुझाएगा।

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