हरियाणा में इन 4 लाख परिवारों के कट सकते है राशन कार्ड, देखें जिलावाइज लिस्ट ?
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन लेने वाले अपात्र परिवारों पर कार्रवाई की तैयारी है। प्रारंभिक जांच में प्रदेश में 4.03 लाख परिवार अपात्र पाए गए हैं जो योजना के तहत राशन ले रहे हैं। करनाल में 22,711 राशन कार्ड को संदिग्ध पाया गया है। इनके रद्द होने की संभावना है। प्रदेश में योजना के तहत 46,14,604 लाख राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इन राशन कार्डों से 7.22 लाख ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई है जो परिवार पहचानपत्र के रिकॉर्ड के अनुसार आर्थिक रूप से सक्षम हैं लेकिन फिर भी सरकारी राशन का लाभ उठा रहे हैं।
खाद्य व आपूर्ति विभाग की ओर से परिवार पहचानपत्र के डाटा का विश्लेषण करने पर सामने आया कि इन परिवारों एवं लाभार्थियों के नाम पर कार, ट्रैक्टर, अन्य वाहन, शहरी प्लॉट, कृषि भूमि या निर्धारित सीमा से अधिक आय दर्ज है।
विभाग का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक सूची है। इसमें अंतिम निर्णय इनके भौतिक सत्यापन और दस्तावेज की जांच के बाद ही लिया जाएगा। विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण अभी तक व्यापक स्तर पर एक भी राशन कार्ड का घर-घर जाकर सत्यापन नहीं हो पाया है।
सरकार अब जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल कर संयुक्त समितियां बनाने का प्रयास कर रही है, ताकि रिकॉर्ड का मिलान तेजी से किया जा सके। इसके लिए जिला स्तर पर बैठकें की जा रही हैं।
भौतिक सत्यापन में इन रिकॉर्डों का होगा मिलान
परिवार पहचानपत्र, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का डाटा, राजस्व विभाग के भूमि रिकॉर्ड, परिवहन विभाग के वाहन पंजीकरण रिकॉर्ड, शहरी निकायों के संपत्ति रिकॉर्ड और आय व अन्य सरकारी डाटाबेस की पड़ताल की जाएगी। अधिकारी हर लाभार्थी का भौतिक सत्यापन करेंगे। रिकॉर्ड की जांच करेंगे। जांच में कोई परिवार पात्र नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन कराया जाएगा, इसके लिए टीमें गठित की जा रही हैं। ताकि पात्र को ही सरकार की योजना का लाभ मिले।”*
— डॉ. आनंद शर्मा, उपायुक्त
41 हजार से ज्यादा अपात्र ले रहे राशन, करनाल में भी मिले 22,711 संदिग्ध राशन कार्ड
इन जिलों में इतने राशन कार्ड, लाभार्थी संदिग्ध
अंबाला में 19309, भिवानी में 16201, चरखी दादरी में 7058, फरीदाबाद में 43960, फतेहाबाद में 12853, गुरुग्राम में 34089, हंसी में 7254, हिसार में 18500, झज्जर में 15478, जींद में 16908, कैथल में 14272, करनाल में 22711, कुरुक्षेत्र में 15499, महेंद्रगढ़ में 13220, नूंह में 10553, पलवल में 14163, पंचकूला में 9753, पानीपत में 19026, रेवाड़ी में 14502, रोहतक में 16786, सिरसा में 20313, सोनीपत में 22800 और यमुनानगर में 17867 परिवार संदिग्ध मिले हैं। जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद भी सरकारी राशन ले रहे हैं। अब इनकी जांच की जाएगी।
