हरियाणा में नए सिरे से बनेंगी ये 4 सड़के ! कई गांवों-शहरों को मिलेगा फायदा, सरकार ने तैयार किया नया प्लान ?
Udaipur Times, Haryana News, Faridabad News : फरीदाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़ा प्लान तैयार किया है। जिले की कई महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों को नए सिरे से बनाने और कुछ सड़कों की मरम्मत कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इन योजनाओं में पृथला विधानसभा क्षेत्र की सड़कें भी शामिल हैं। करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य गांवों से मुख्य मार्गों, बाजारों, स्कूलों और शहर की ओर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। सड़कें खराब होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है, ऐसे में नई सड़क बनने के बाद उन्हें काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग ने जिन सड़कों को प्राथमिकता में रखा है, उनमें मलेरना से डीग और जवां से नाई नगला जाने वाली सड़कें प्रमुख हैं। इन दोनों सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा। इनके निर्माण पर एक करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक खर्च होने की बात कही गई है। इसके अलावा ढकोला से जसाना और बेंसरावली से मंधावली सड़क की भी मरम्मत कराई जाएगी। इन कार्यों पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शाहपुर कला से फतेहपुर बिल्लोच जाने वाली सड़क की मरम्मत के लिए करीब 42 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। विभाग ने इन कार्यों को इसी महीने शुरू करने का लक्ष्य रखा है और निर्माण एजेंसी के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मलेरना-डीग और जवां-नाई सड़को का होगा पुनर्निर्माण
फरीदाबाद की ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए मलेरना से डीग और जवां से नाई नगला जाने वाली सड़कों का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। ये सड़कें आसपास के गांवों के लोगों के लिए रोजाना आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ग्रामीण इन रास्तों का इस्तेमाल मुख्य मार्गों, बाजारों, स्कूलों, कामकाज की जगहों और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने के लिए करते हैं। लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है और कई जगह सफर में अतिरिक्त समय भी लग जाता है। दोनों सड़कों के निर्माण पर एक करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक खर्च होने की उम्मीद है। सड़क का नया निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीण इलाकों से मुख्य सड़कों तक पहुंच बेहतर हो सकती है। इससे दोपहिया वाहनों के साथ-साथ कार और अन्य छोटे वाहनों से सफर करने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी। सड़क की स्थिति बेहतर होने पर रोजाना आने-जाने वाले लोगों के समय और वाहन संचालन से जुड़े खर्च में भी कमी आने की संभावना है।
खराब सड़क के निर्माण से होगी लोगों की परेशानी दूर
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क खराब होने का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। गांवों से शहर या बाजार की ओर जाने वाले लोगों को कई बार खराब रास्तों के कारण धीमी गति से वाहन चलाना पड़ता है। बारिश के मौसम में समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि सड़क पर पानी और गड्ढों के कारण वाहन चालकों के लिए रास्ता पार करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में नई सड़क का निर्माण ग्रामीणों के लिए केवल बेहतर आवागमन ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने वाला कदम भी साबित हो सकता है। स्थानीय निवासी सुभाष के मुताबिक, गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बेहतर होने से रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी। वहीं लोकेश ने बताया कि सड़क खराब होने पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई सड़क बनने से लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अच्छी सड़क होने से गांवों और आसपास के प्रमुख स्थानों के बीच संपर्क अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
ढकोला-जसाना और बेंसरावली-मंधावली सड़क की भी होगी मरम्मत
नई सड़कों के निर्माण के साथ लोक निर्माण विभाग ने कुछ मौजूदा सड़कों की मरम्मत कराने की योजना भी तैयार की है। ढकोला से जसाना और बेंसरावली से मंधावली जाने वाली सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। इन दोनों सड़कों के मरम्मत कार्य पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। इन रास्तों की स्थिति में सुधार होने के बाद आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। विभाग ने इन सड़क कार्यों को इसी महीने शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी का चयन होने और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सड़क मरम्मत का काम शुरू किया जा सकेगा। मरम्मत के बाद सड़क की सतह बेहतर होने से वाहन चालकों को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक सफर मिल सकता है।
शाहपुर कला-फतेहपुर बिल्लोच सड़क पर भी खर्च होंगे 42 लाख
शाहपुर कला से फतेहपुर बिल्लोच जाने वाली सड़क की हालत सुधारने के लिए भी विभाग ने योजना तैयार की है। इस सड़क की मरम्मत पर करीब 42 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से निर्माण एजेंसी की तलाश के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इस सड़क का काम भी इसी महीने शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सड़क आसपास के ग्रामीण इलाकों को आपस में जोड़ने के साथ लोगों को मुख्य मार्गों तक पहुंचने में मदद करती है। सड़क की मरम्मत पूरी होने के बाद गांवों से आने-जाने वाले वाहन चालकों को बेहतर रास्ता मिल सकता है। खासकर रोजाना काम के लिए सफर करने वाले लोगों और किसानों के लिए सड़क की स्थिति सुधरना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गांवों से बाजार और स्कूल तक पहुंच होगी आसान
सड़क निर्माण और मरम्मत की इन योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिल सकता है। बेहतर सड़क होने से गांवों से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना आसपास के गांवों या शहरों में पढ़ाई के लिए आते-जाते हैं। इसी तरह कामकाजी लोग भी नौकरी और रोजगार से जुड़े कामों के लिए रोजाना सफर करते हैं। सड़क की स्थिति खराब होने पर इन लोगों को अतिरिक्त समय और वाहन खर्च उठाना पड़ता है।स्थानीय निवासी जितेंद्र के अनुसार, सड़क सुधरने के बाद गांवों से बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंच आसान होगी। बारिश के दिनों में खराब रास्तों की समस्या से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क होने से ग्रामीणों का मुख्य मार्गों तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
किसानों को भी मिलेगा फायदा
फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और उससे जुड़े कामों के लिए भी सड़क कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। किसान अपनी उपज को गांवों से मंडी और अन्य बाजारों तक पहुंचाने के लिए इन्हीं ग्रामीण सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। सड़क खराब होने पर ट्रैक्टर, ट्रॉली और अन्य वाहनों को आने-जाने में परेशानी होती है। कई बार खराब रास्तों के कारण परिवहन में अतिरिक्त समय और खर्च भी हो सकता है। नई सड़क और मरम्मत कार्य पूरे होने के बाद कृषि उत्पादों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। गांवों से मुख्य सड़कों तक बेहतर संपर्क मिलने पर किसानों के साथ-साथ दूध, सब्जी और अन्य स्थानीय उत्पादों का परिवहन करने वाले लोगों को भी फायदा मिल सकता है।
समय और वाहन खर्च दोनों में हो सकती है बचत
सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को कम गति से चलना पड़ता है और कई जगह गड्ढों या खराब हिस्सों से बचकर निकलना पड़ता है। इससे सफर का समय बढ़ सकता है और वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ने की संभावना रहती है। नई सड़क बनने के बाद रास्ता बेहतर होने से लोगों को अधिक सुगम आवागमन मिल सकता है। ग्रामीणों के लिए इसका फायदा रोजाना के सफर में दिखाई दे सकता है। नौकरी, पढ़ाई, कारोबार, खेती या अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने वाले लोगों को बेहतर सड़क मिलने से यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। इसके अलावा गांवों और शहर के बीच संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
करीब दो करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम की तैयारी
लोक निर्माण विभाग ने फरीदाबाद जिले में इन सड़क परियोजनाओं के लिए करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाली योजनाएं तैयार की हैं। इसमें नई सड़कें बनाने के साथ-साथ कई मौजूदा सड़कों की मरम्मत भी शामिल है। विभाग की ओर से निर्माण एजेंसियों के चयन और टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। काम शुरू होने के बाद परियोजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा किया जाएगा। इन योजनाओं का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना है। गांवों को मुख्य मार्गों से बेहतर तरीके से जोड़ने से स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भी सुधार हो सकता है।
गांवों से शहर तक मजबूत होगा सड़क का नेटवर्क
फरीदाबाद जिले की इन सड़क परियोजनाओं को ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मलेरना-डीग, जवां-नाई नगला, ढकोला-जसाना, बेंसरावली-मंधावली और शाहपुर कला-फतेहपुर बिल्लोच जैसे मार्गों पर निर्माण और मरम्मत के बाद कई गांवों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकती है। इससे गांवों से मुख्य मार्ग, बाजार और शहर तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, लोक निर्माण विभाग की इन योजनाओं से फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। नई सड़कें बनने और पुरानी सड़कों की मरम्मत होने के बाद विद्यार्थियों, किसानों, कामकाजी लोगों, कारोबारियों और रोजाना सफर करने वाले ग्रामीणों को सीधा फायदा मिलने की संभावना है। विभाग ने इसी महीने कई कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा है, जबकि निर्माण एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।