सितंबर महीने में घूमने के लिए एकदम सही रहेंगे ये हिल स्टेशन, हरियाली और बादलों के बीच मिलेगा जन्नत का नजारा
Udaipur Times, New Delhi : सितंबर का महीना घूमने के शौकीन लोगों के लिए बेहद खास होता है। मानसून के विदा होने और सर्दियों के दस्तक देने के बीच इस महीने में मौसम न ज्यादा गर्म होता है और न ही बहुत ठंडा। पहाड़ी इलाकों में बारिश के बाद हर तरफ हरियाली नजर आती है और बादलों से ढके पहाड़ों का नजारा बेहद खूबसूरत लगता है। यही वजह है कि सितंबर में कई लोग परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ पहाड़ों की सैर का प्लान बनाते हैं।
अगर आप भी सितंबर में कुछ दिन शहर की भागदौड़ से दूर बिताना चाहते हैं, तो देश के कई हिल स्टेशन आपके लिए शानदार विकल्प हो सकते हैं। यहां आपको प्राकृतिक खूबसूरती के साथ झील, झरने, पहाड़, ट्रेकिंग और शांत वातावरण का आनंद लेने का मौका मिलेगा। आइए जानते हैं सितंबर में घूमने के लिए कौन-कौन सी जगहें आपके ट्रैवल प्लान में शामिल हो सकती हैं।
महाबलेश्वर, महाराष्ट्र
पश्चिमी घाट की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा महाबलेश्वर सितंबर में बेहद आकर्षक नजर आता है। मानसून के बाद यहां की पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और कई जगहों पर बादल तथा हल्की धुंध देखने को मिलती है। बारिश के कारण झरने और प्राकृतिक जलस्रोत भी खूबसूरत नजर आते हैं।

महाबलेश्वर प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोगों के लिए शानदार जगह है। यहां से पश्चिमी घाट की पहाड़ियों और घाटियों का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। अगर आप शांत वातावरण में समय बिताना चाहते हैं तो यहां कई ऐसे स्थान हैं जहां कुछ घंटे सुकून से गुजारे जा सकते हैं।
यहां घूमने के लिए आर्थर सीट पॉइंट, वेन्ना झील, एलिफेंट हेड पॉइंट और आसपास के स्ट्रॉबेरी फार्म्स को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। वेन्ना झील के आसपास का माहौल खास तौर पर पर्यटकों को आकर्षित करता है।
लेह-लद्दाख
सितंबर में घूमने के लिए लेह-लद्दाख भी एक शानदार विकल्प है। इस समय यहां मानसून का प्रभाव मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कम रहता है और कई जगहों पर मौसम साफ दिखाई देता है। पहाड़ों और झीलों के बीच लंबी ड्राइव करने वालों के लिए यह समय खास हो सकता है।लद्दाख की खूबसूरती सिर्फ ऊंचे पहाड़ों तक सीमित नहीं है। यहां आपको बर्फीले पहाड़, शांत झीलें, घाटियां और बौद्ध मठ देखने को मिलते हैं। सितंबर में पर्यटकों की संख्या पीक सीजन की तुलना में कम होने के कारण कई जगहों पर अपेक्षाकृत शांत वातावरण मिल सकता है।

लद्दाख की यात्रा के दौरान पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला पास और थिक्से मठ जरूर घूम सकते हैं। हालांकि, ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
कूर्ग, कर्नाटक
भारत का स्कॉटलैंड कहे जाने वाला कूर्ग यानी कोडागु सितंबर में हरियाली से भर जाता है। बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां, जंगल और कॉफी के बागान बेहद खूबसूरत नजर आते हैं। अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां प्रकृति के बीच शांति के कुछ दिन बिताए जा सकें, तो कूर्ग अच्छा विकल्प है। कूर्ग की पहचान यहां के कॉफी बागानों से भी जुड़ी हुई है। सितंबर में बारिश के बाद इन बागानों के आसपास की हरियाली और ठंडा मौसम यात्रा को और खास बना देता है। यहां आप प्रकृति के बीच घूमने के साथ स्थानीय वातावरण और खान-पान का भी आनंद ले सकते हैं।

कूर्ग में अब्बे फॉल्स, राजा सीट और ताडियंदमूल चोटी प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। इसके अलावा कॉफी बागानों की सैर भी आपकी यात्रा का खास हिस्सा बन सकती है।
वैली ऑफ फ्लावर्स, उत्तराखंड
अगर आपको पहाड़ों के साथ फूलों की खूबसूरती देखना पसंद है, तो वैली ऑफ फ्लावर्स आपके लिए बेहतरीन जगह हो सकती है। उत्तराखंड में स्थित यह घाटी अपनी रंग-बिरंगी वनस्पतियों और हिमालयी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।फूलों की घाटी घूमने के लिए आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक का समय उपयुक्त माना जाता है। सितंबर के शुरुआती दिनों में यहां कई तरह के अल्पाइन फूल दिखाई दे सकते हैं। बारिश के बाद घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य और भी बढ़ जाता है।

यह जगह खास तौर पर ट्रेकिंग और प्रकृति प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है। यहां पहुंचने के लिए ट्रेक करना पड़ता है, इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय अपनी फिटनेस और मौसम की स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है। इसके साथ ही यहां जाने से पहले स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से जुड़े नियमों की जानकारी भी लेनी चाहिए।
सितंबर में हिल स्टेशन घूमने का क्या है फायदा?
सितंबर में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने का सबसे बड़ा फायदा सुहावना मौसम और मानसून के बाद की हरियाली है। कई जगहों पर बारिश का असर कम होने लगता है, जबकि पहाड़ अभी भी हरे-भरे दिखाई देते हैं। इस दौरान बादलों से घिरे पहाड़, झरने और घाटियों का नजारा आपकी ट्रिप को यादगार बना सकता है।
अगर आप भी सितंबर में ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो अपनी पसंद के हिसाब से इनमें से कोई जगह चुन सकते हैं। शांत वातावरण चाहिए तो कूर्ग और महाबलेश्वर, रोमांच और ऊंचे पहाड़ पसंद हैं तो लेह-लद्दाख, जबकि फूलों और ट्रेकिंग का शौक है तो वैली ऑफ फ्लावर्स बेहतर विकल्प हो सकता है।हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान, सड़क की स्थिति, स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और होटल की उपलब्धता जरूर जांच लें। इससे आपकी यात्रा सुरक्षित और आरामदायक रहेगी।