Udaipur Times, Haryana News, भिवानी : डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में एडीसी दीपक बाबू लाल करवा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में दयालु-2 योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में आवारा कुत्तों के काटने के 23 मामलों की समीक्षा की गई। इनमें से चिकित्सकीय परीक्षण के बाद 12 मामलों को मंजूरी दी गई, जबकि संबंधित लोगों की अनुपस्थिति के कारण 11 मामले लंबित रखे गए। जिला सांख्यिकीय अधिकारी डॉ. भागीरथ कौशिक ने बैठक में सभी मामले प्रस्तुत किए।
एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने कहा कि आवारा कुत्तों के काटने और आवारा पशुओं के कारण चोटिल होने वाले व्यक्ति दयालु-2 योजना के तहत आर्थिक सहायता का लाभ उठाएं। इसके लिए दुर्घटना की तारीख से 90 दिन के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है।
एडीसी ने बताया कि योजना के तहत कुत्ते के काटने पर दांत के प्रत्येक निशान के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपये तथा त्वचा से मांस अलग होने की स्थिति में प्रति 0.2 सेंटीमीटर घाव पर न्यूनतम 20 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा आयु के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाती है। 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक पांच लाख रुपये तथा 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए तीन लाख रुपये की सहायता निर्धारित है।
डॉ. कौशिक ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अंत्योदय सरल हरियाणा पोर्टल या जन सहायक मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। दुर्घटना की तारीख से 90 दिन के अंदर आवेदन करना जरूरी है। आवेदक को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे तथा स्वीकृत सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
बैठक में चिकित्सा, पंचायत, एनएचएआई, लोक निर्माण और पुलिस विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।