हरियाणा में इन लोगों को मिलेंगे 5 लाख रुपये, जाने सरकार का नया प्लान ?
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटना में नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में पीड़ित परिवार को सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) 10 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
नरेंद्र कुमार स्थानीय लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस सभागार में दयालु योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के लिए आयोजित जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपमंडलाधीश आशीष कुमार, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार, पुलिस उपाधीक्षक राकेश कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल भी मौजूद रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजना के प्रावधान के तहत आर्थिक राशि निर्धारित करने के लिए सिविल सर्जन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की जाये। इस योजना का लाभ लेने के लिए घटना के 90 दिन के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है तथा प्राप्त आवेदनों पर जिला स्तरीय समिति द्वारा 120 दिन में निर्णय लेने का प्रावधान है।
नरेंद्र कुमार ने कहा कि सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से होने वाली दुर्घटना में किसी भी नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि ‘दयालु-2 योजना’ पोर्टल का सरलीकरण भी किया गया है, ताकि पात्र परिवारों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके।
इस योजना का www.dapsy.finhry.gov.in पोर्टल शुरू किया गया है। यह पोर्टल सरकार की पारदर्शी एवं सरल सेवा वितरण प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के तहत स्वीकृत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
अतिरिक्त ने कहा कि दयालु योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित परिवार को एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, चोट लगने की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है।
उन्होंने पात्र नागरिकों का आह्वान किया कि वे आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। जिला प्रशासन पात्र परिवारों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है।
नरेंद्र कुमार ने कहा कि योजना का लाभ हरियाणा के निवासियों को दिया जायेगा, जिनके पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) है। उन्हें कुत्ते के काटने अथवा आवारा पशुओं जैसे गाय, बैल, सांड, गधा, कुत्ता, नीलगाय, भैंस आदि के कारण हुई दुर्घटना में मृत्यु/चोट/दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें जंगली एवं परित्यक्त पशु भी शामिल हैं।
