आदिनाथ भवन सेक्टर 11 में तेरहवीं अन्तर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में अदिनाथ दिगम्बर जैन चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आचार्यश्री कनकनन्दी ससंघ सानिध्य में तेरहवीं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में धर्माचार्य कनकनन्दीजी ने आगन्तुक समस्त वैज्ञानिक, शोधार्थी, विज्ञजनों से आव्हान किया कि हर जिज्ञासु को सत्यग्राही व खुला दीमाग रखना चाहिये।
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में अदिनाथ दिगम्बर जैन चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आचार्यश्री कनकनन्दी ससंघ सानिध्य में तेरहवीं अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में धर्माचार्य कनकनन्दीजी ने आगन्तुक समस्त वैज्ञानिक, शोधार्थी, विज्ञजनों से आव्हान किया कि हर जिज्ञासु को सत्यग्राही व खुला दीमाग रखना चाहिये।
प्रसिद्धि, ख्याति, लोभ से दूर रहते हुए ज्ञान पीपासु बन कर शोध- बोध करते हुए प्रगतिशील बने रहना चाहिये।
आचार्यश्री ने कहा कि हम भारतीय स्व- शक्ति व दक्षता को भूल कर विदेशी वैज्ञानिकों के पिछलग्गू बन कर चल रहे हैं। यह संगोष्ठी इसी कमी को दूर करने और जिज्ञासुओं को प्रोत्साहित करने और उनमें ऊर्जा भरने के लिए ही आयोजित की गई है।
इस अवसर पर आचार्यश्री द्वारा सृजित विश्वविज्ञान रहस्य एवं स्वतंत्रता के सूत्र पुस्तकों का विमोचन उपस्थित विज्ञानीजनों द्वारा किया गया।