333 किमी का ये एक्सप्रेसवे बनेगा गेमचेंजर, 4 राज्यों तक मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
Udaipur Times, 6-lane Greenfield Vindhya Expressway : उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए 333 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड विंध्य एक्सप्रेसवे (6-lane Greenfield Vindhya Expressway) तैयार किया जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रयागराज से शुरू होकर सोनभद्र तक जाएगी और आगे अंतरराज्यीय सीमा तक पहुंचेगी। इसके साथ ही प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Vindhya-Purvanchal Link Expressway) इसे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) से जोड़ेगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
प्रयागराज से सोनभद्र का सफर होगा आधा
वर्तमान में प्रयागराज से सोनभद्र पहुंचने में करीब 6.5 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी महज 3 से 3.5 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और माल परिवहन से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा।
गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलेगा सीधा कनेक्शन
विंध्य एक्सप्रेसवे की शुरुआत गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से प्रयागराज में होगी। इसके बाद प्रस्तावित विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Vindhya-Purvanchal Link Expressway) इसे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) से जोड़ेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बिना शहरों के ट्रैफिक में फंसे हाई-स्पीड यात्रा संभव होगी।
चार राज्यों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
यह एक्सप्रेसवे केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड की सीमाओं तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे इन राज्यों के बीच व्यापार, माल परिवहन और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह कॉरिडोर प्रयागराज के संगम, मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी धाम और वाराणसी के काशी क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क देगा। सरकार इसे धार्मिक पर्यटन के प्रमुख मार्ग के रूप में भी विकसित करने की योजना बना रही है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
उद्योग और कारोबार को मिलेगा लाभ
भदोही का कालीन उद्योग और सोनभद्र का खनिज क्षेत्र इस एक्सप्रेसवे से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई की लागत और समय दोनों कम होंगे, जिससे स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नए निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
हाई-स्पीड रोड नेटवर्क होगा और मजबूत
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway), पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) और विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway) के आपस में जुड़ने से उत्तर प्रदेश का हाई-स्पीड रोड नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स कंपनियों, उद्योगों और पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरह तेज आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
