दिल्ली से मात्र 7-8 घंटे की दूरी पर बसा है ये खूबसूरत हिल स्टेशन ! यहां के जंगल, झरने और ट्रेकिंग के मौके मोह लेगें आपका मन
Udaipur Times, Chakrata Travel Guide : अगर आप दिल्ली की भीड़-भाड़ और रोज़ की भागदौड़ से दूर पहाड़ों में कुछ दिन शांति से बिताना चाहते हैं लेकिन शिमला, मसूरी या नैनीताल जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाना चाहते तो चकराता एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। उत्तराखंड के देहरादून ज़िले में लगभग 2,118 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह हिल स्टेशन सड़क मार्ग से दिल्ली से लगभग 320–350 किलोमीटर दूर है।
चकराता की खासियत क्या है?
चकराता देवदार, ओक और पहाड़ों के अन्य पेड़ों से घिरा एक शांत इलाका है। यहाँ आप न केवल पहाड़ों के नज़ारों का, बल्कि जंगलों, झरनों, ट्रेकिंग के मौकों और खूबसूरत नज़ारों वाली जगहों (व्यू-पॉइंट्स) का भी आनंद ले सकते हैं। उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार, यह प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए एक आदर्श जगह है।

दिल्ली से चकराता कैसे पहुंचें?
दिल्ली से चकराता जाने का सबसे सुविधाजनक तरीका सड़क मार्ग से यात्रा करना है। आप देहरादून, विकासनगर और कालसी होते हुए गाड़ी चलाकर चकराता पहुँच सकते हैं। रास्ते के आधार पर दूरी अलग-अलग हो सकती है, इसलिए सामान्य ट्रैफ़िक स्थितियों में लगभग 7–9 घंटे की यात्रा की योजना बनाना सबसे अच्छा है। जो लोग ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं, उनके लिए देहरादून सबसे नज़दीकी बड़ा रेलवे स्टेशन है, जबकि जॉली ग्रांट एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा है।
ज़रूर जाएं: टाइगर फॉल्स
टाइगर फॉल्स गए बिना चकराता की यात्रा अधूरी मानी जाती है। यह घने जंगलों के बीच बसा एक खूबसूरत झरना है। झरने तक पहुँचने के लिए गाड़ी से जाने के बाद थोड़ी ट्रेकिंग करनी पड़ती है। मॉनसून के मौसम में रास्ता फिसलन भरा हो सकता है, इसलिए अच्छी पकड़ वाले जूते पहनना सही रहेगा।
देवबन में पहाड़ों की शांति का अनुभव करें
अगर आप भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो आप देवबन जा सकते हैं। यह चकराता के पास घने जंगलों वाला इलाका है जहाँ से हिमालय के पहाड़ों के शानदार नज़ारे दिखाई देते हैं।

यहां दो दिन की यात्रा की योजना दी गई है: पहले दिन सुबह दिल्ली से निकलें और चकराता पहुंचें; होटल या होमस्टे में चेक-इन करने के बाद, शाम को किसी व्यू-पॉइंट पर जाएँ। दूसरे दिन, आप टाइगर फॉल्स और आस-पास के इलाकों को देख सकते हैं। अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है, तो किसी ट्रेक के लिए खास समय निकालें।
बारिश के मौसम में, पहाड़ी रास्तों पर जाने से पहले मौसम और सड़क की हालत ज़रूर देख लें। ट्रेक के दौरान पानी, जरूरी दवाइयां, पावर बैंक, रेन जैकेट और मज़बूत जूते साथ रखना समझदारी है।