हरियाणा के इस शहर को 3600 करोड़ की बड़ी सौगात, जाने क्या-क्या होंगे काम ?

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हरियाणा के इस शहर को 3600 करोड़ की बड़ी सौगात, जाने क्या-क्या होंगे काम ?

Udaipur Times, Haryana News, फरीदाबाद : हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने कहा कि ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में सड़क, पेयजल, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और सामुदायिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जिन कार्यों की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।

समीक्षा बैठक में मंत्री राजेश नागर ने  एचएसवीपी, नगर निगम फरीदाबाद, एफएमडीए, डीटीपी, डीएचबीवीएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा, उपायुक्त आयुष सिन्हा, एचएसवीपी एडमिनिस्ट्रेटर धीरज तथा एडीसी अंजलि श्रोत्रिया भी उपस्थित रहे।

बैठक में सेक्टर-37 सहित विभिन्न सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में पंप ऑपरेटरों के पुनर्विन्यास के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी सेक्टर में पानी की समस्या लंबित न रहे।

सड़क एवं अवसंरचना संबंधी मुद्दों पर चर्चा करते हुए मंत्री राजेश नागर ने विशेष रूप से सेक्टर-37, सेक्टर-73, सेक्टर-75, सेक्टर-76, सेक्टर-81, सेक्टर-84 और सेक्टर-85 सहित ग्रेटर फरीदाबाद के कई क्षेत्रों में टूटी सड़कों, गड्ढों और जलभराव की शिकायतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि जिन सड़कों का हैंडओवर अभी तक नहीं हुआ है, उनकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जाए और एक सप्ताह के भीतर क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर मरम्मत कार्य की समयसीमा निर्धारित की जाए।

मंत्री राजेश ने यह भी स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में 24 मीटर चौड़ी आंतरिक सड़कों, पार्कों तथा अन्य सामान्य क्षेत्रों के रखरखाव की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित डेवलपर की होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेवलपर्स द्वारा रखरखाव, सफाई, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य सुविधाओं की स्थिति का संयुक्त निरीक्षण किया जाए तथा कमियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से टिगांव क्षेत्र की सड़कों, स्ट्रीट लाइटों और जलभराव की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में ग्रेटर फरीदाबाद की कई आवासीय सोसाइटियों में कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क, बिजली कनेक्शन विच्छेदन तथा निवासियों पर कथित दबाव बनाए जाने संबंधी शिकायतों पर भी गंभीर चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि उपभोक्ताओं ने नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान किया है तो बिना वैधानिक प्रक्रिया के बिजली कनेक्शन काटना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

पार्कों, सामुदायिक केंद्रों और धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि लेआउट प्लान में चिन्हित सामुदायिक स्थलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और यदि कहीं भूमि उपयोग में अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक केंद्रों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों की सेक्टर-वार मैपिंग की जाए तथा खरीदारों के साथ किए गए समझौतों के अनुसार सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन डेवलपर्स ने निर्धारित अवधि में सामुदायिक सुविधाएं विकसित नहीं की हैं, उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और लाइसेंस संबंधी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

सीवरेज, एसटीपी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर मंत्री राजेश नागर ने विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में कार्यशील एसटीपी होना अनिवार्य है तथा उनका ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, डीटीपी और जन स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से सभी एसटीपी की कार्यशीलता की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जहां एसटीपी स्थापित हैं, वहां उनकी क्षमता, संचालन और डिस्चार्ज की नियमित निगरानी हो।

मंत्री राजेश नागर ने कहा कि अवैध रूप से सीवरेज या अपशिष्ट जल को नालों, नहरों या खुले क्षेत्रों में छोड़े जाने की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी सीवरेज टैंकरों का नगर निगम के माध्यम से पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने पर भी विचार किया जाएगा, ताकि अवैध डिस्चार्ज की घटनाओं को रोका जा सके।

बैठक में नगर निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने जानकारी दी कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत फरीदाबाद नगर निगम को लगभग 3600 करोड़ रुपये की राशि जल संरचना से संबंधित कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि इस राशि का उपयोग पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क, एसटीपी, जल निकासी व्यवस्था, जोहड़ों के पुनर्जीवन को सुदृढ़ करने जैसे कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

मंत्री राजेश नागर ने कानून व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण और सार्वजनिक सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने तथा पार्कों एवं सामुदायिक परिसरों की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए। ग्रेटर फरीदाबाद में पार्कों, सामुदायिक सुविधाओं और डेवलपर दायित्वों की निगरानी के लिए एफएमडीए, डीटीपी और नगर निगम के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो नियमित निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।

बैठक में नगर निगम जॉइंट कमिश्नर अमित मान, फरीदाबाद एसडीएम डॉ हनी बंसल, सीटीएम अंकित कुमार, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल सहित सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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