इस एक्सप्रेसवे से बदलेगी कई शहरों की तस्वीर, 12-18 महीनों में 15% तक बढ़ सकते हैं प्रॉपर्टी के दाम
Udaipur Times, Ganga Expressway : गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रयागराज, मेरठ, हापुड़, अमरोहा और हरदोई जैसे जिलों में अगले 12 से 18 महीनों के भीतर प्रॉपर्टी की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। करीब 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होने की संभावना है।
12-15% तक बढ़ सकते हैं प्रॉपर्टी के दाम
रियल एस्टेट इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव लाएगा। बेहतर सड़क संपर्क के कारण एक्सप्रेसवे के आसपास इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और रिहायशी परियोजनाओं की मांग बढ़ेगी। इसके चलते इन क्षेत्रों में जमीन और मकानों की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत तक उछाल आ सकता है।
एनसीआर का दायरा होगा और बड़ा
एक्सप्रेसवे बनने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर लगभग छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे एनसीआर का प्रभाव उत्तर प्रदेश के अंदरूनी जिलों तक पहुंचेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ को इसका सबसे अधिक फायदा मिलेगा, जबकि हापुड़ और हरदोई जैसे शहरों में नई हाउसिंग परियोजनाओं और प्लॉट्स की मांग तेजी से बढ़ सकती है।
माइक्रो मार्केट्स बनेंगे नए ग्रोथ सेंटर
बेहतर कनेक्टिविटी के कारण एक्सप्रेसवे से जुड़े छोटे शहर और कस्बे भी तेजी से विकसित होंगे। इन क्षेत्रों में नई टाउनशिप, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और आवासीय परियोजनाएं शुरू होने की संभावना है। अनुमान है कि इन माइक्रो मार्केट्स में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रफ्तार 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) केवल रियल एस्टेट ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी गेम चेंजर साबित हो सकता है। उद्योग से जुड़े अनुमान के मुताबिक, इस कॉरिडोर में 47,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। करीब 6,500 एकड़ जमीन इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग क्लस्टर के लिए चिन्हित की गई है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है।
रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे
एक्सप्रेसवे के साथ 11 औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इससे शाहजहांपुर, प्रतापगढ़, हरदोई समेत कई जिलों में एग्रो प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और वेयरहाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। नए उद्योग लगने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हाउसिंग व कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में भी तेजी आने की संभावना है।
