₹1 लाख करोड़ की लागत से 6 राज्यों की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा ये एक्सप्रेसवे ! जाने कहां-कहां से होकर गुजरेगा ?
Udaipur Times, New Delhi, Delhi–Mumbai Expressway : देशभर में लगातार सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे वाहन चालकों का सफर आसान हो सके और घंटों का सफर मिनटों में पूरा हो सके। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत की सबसे महत्वाकांक्षी और देश की सबसे लंबी एक्सेस-कंट्रोल हाईवे परियोजनाओं में से एक है। इस महा-मार्ग से जुड़ी मुख्य बातें और ताज़ा अपडेट निम्नलिखित हैं:
मुख्य विशेषताएँ और आंकड़े
कुल लंबाई: लगभग 1,350 से 1,386 किलोमीटर।
अनुमानित लागत: लगभग ₹1 लाख करोड़।
लेन क्षमता: इसे शुरुआत में 8-लेन का बनाया गया है, जिसे भविष्य की ज़रूरतों के अनुसार बढ़ाकर 12-लेन तक किया जा सकता है।
यात्रा समय: इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह शुरू होने के बाद दिल्ली से मुंबई के बीच का सफर घटकर महज़ 12 से 12.5 घंटे रह जाएगा (जो पहले करीब 24 घंटे था)।
डिज़ाइन स्पीड: इस पर वाहन अधिकतम 120 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
रूट और गुजरने वाले राज्य
यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कुल 6 राज्यों से होकर गुजरता है:
दिल्ली
हरियाणा
राजस्थान
मध्य प्रदेश
गुजरात
महाराष्ट्र
ताज़ा अपडेट और स्थिति (Status Update)
आंशिक संचालन: सोहना से दौसा, वडोदरा-भरूच, और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों समेत इस एक्सप्रेसवे के बड़े खंड पहले ही यातायात के लिए खोले जा चुके हैं, जिनका उपयोग हज़ारों वाहन चालक रोज़ाना कर रहे हैं।
समयसीमा: इसके अंतिम और तटीय हिस्सों (विशेषकर महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ बचे हुए क्षेत्रों) पर काम तेज़ी से चल रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट के साल 2026 के अंत तक पूरी तरह से मुकम्मल होने का लक्ष्य है।
अतिरिक्त कनेक्टिविटी: हाल ही में इसे अन्य प्रमुख मार्गों (जैसे यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट लिंक) से जोड़ने के लिए कई नए छोटे लिंक एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर को भी हरी झंडी दी गई है, जिससे एनसीआर और आसपास के राज्यों की कनेक्टिविटी और बेहतर हो गई है।