5 राज्यों को जोड़ने वाला ये महाएक्सप्रेसवे बदलकर रख देगा पूरी तस्वीर, दिल्ली को रायपुर होते हुए सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट से जोड़ेगा
Udaipur Times, A mega-expressway connecting five states : दिल्ली को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर होते हुए विशाखापत्तनम से जोड़ने के लिए एक बड़ा सड़क नेटवर्क बनाया जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क दिल्ली को देश के एक अहम इंडस्ट्रियल और समुद्री केंद्र, विशाखापत्तनम से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस बड़े नेटवर्क को 'उत्तर-से-पूर्वी तट मेगा-कॉरिडोर' कहा जा सकता है। एक बार पूरी तरह चालू हो जाने पर, दिल्ली से रायपुर का सफर सिर्फ 12 घंटे में और विशाखापत्तनम तक का सफ़र सिर्फ़ 20 घंटे में पूरा हो जाएगा।
एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे का 'मेगा-नेटवर्क'
यह कोई एक सड़क नहीं, बल्कि देश के सबसे अहम एक्सप्रेसवे और हाईवे का एक बड़ा नेटवर्क होगा। गाड़ियां इन रास्तों का इस्तेमाल करके दिल्ली से रायपुर (छत्तीसगढ़) और वहां से आगे विशाखापत्तनम पोर्ट तक जा सकेंगी।
यमुना एक्सप्रेसवे: गाड़ियां दिल्ली-NCR से आगरा तक जाएंगी।
आगरा-ग्वालियर लिंक एक्सप्रेसवे: वहां से, गाड़ियां प्रस्तावित आगरा-ग्वालियर लिंक एक्सप्रेसवे के ज़रिए मध्य प्रदेश में प्रवेश करेंगी।
NH-44 (जबलपुर सेक्शन) और NH-30: मध्य प्रदेश में सागर और जबलपुर के ज़रिए कनेक्टिविटी बनेगी, जो कवर्धा में छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक पहुंचेगी और सीधे रायपुर जाएगी।
रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर: यह कॉरिडोर आखिरी और सबसे अहम हिस्सा होगा। प्रस्तावित रूट को तीन चरणों में बांटा गया है। पहला, दुर्ग-रायपुर बाईपास से गाड़ियां लोकल ट्रैफ़िक से बच सकेंगी। इसके बाद, रूट ओडिशा बॉर्डर सेक्शन में जाएगा; यह हिस्सा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र (खासकर कांकेर और कोंडागाँव) को ओडिशा बॉर्डर से जोड़ता है।
ओडिशा-विशाखापत्तनम ग्रीनफील्ड एक्सेस: यह पूरी तरह से नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा जो ओडिशा में नबरंगपुर और कोरापुट से आंध्र प्रदेश में विजयनगरम होते हुए सीधे विशाखापत्तनम पोर्ट तक सामान की आवाजाही को आसान बनाएगा।
6 राज्यों में कनेक्टिविटी
दिल्ली-NCR: यमुना एक्सप्रेसवे नोएडा से शुरू होता है। दिल्ली से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के जरिए यहां तक पहुंचा जा सकता है। उत्तर प्रदेश: यमुना एक्सप्रेसवे से आगरा पहुंचें, फिर आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (लिंक) और NH-44 से होते हुए मध्य प्रदेश (MP) जाएँ, जो झांसी से होकर गुज़रता है।
मध्य प्रदेश: कनेक्टिविटी ग्वालियर से आगे बढ़कर MP के शहरों - सागर, दमोह और जबलपुर तक जाती है।
छत्तीसगढ़: NH-30 के ज़रिए छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग तक पहुँचा जा सकता है, जो कवर्धा से होकर गुज़रता है।
ओडिशा: नबरंगपुर और कोरापुट भी इससे जुड़ेंगे।
आंध्र प्रदेश: यह कॉरिडोर आंध्र प्रदेश के विजयनगरम और सबावरम से होते हुए विशाखापत्तनम तक सीधी पहुंच देगा।
यात्रा का समय आधा हो जाएगा
इस मेगा-कॉरिडोर के पूरा होने पर, छह राज्यों के अलग-अलग शहरों के बीच यात्रा की दूरी कम हो जाएगी। दिल्ली से ग्वालियर की यात्रा में 4-5 घंटे लगेंगे, जबकि अभी इसमें 6-7 घंटे लगते हैं। इसी तरह, ग्वालियर से जबलपुर की 480 km की यात्रा 6 घंटे में पूरी हो जाएगी, जबकि अभी इसमें 9-10 घंटे लगते हैं।
जबलपुर से रायपुर की लगभग 356 km की यात्रा का समय 9-11 घंटे से घटकर सिर्फ़ 4-5 घंटे रह जाएगा। इसके अलावा, रायपुर से विशाखापत्तनम की 464 km की दूरी 5-6 घंटे में तय हो जाएगी, जबकि अभी इसमें 12-13 घंटे लगते हैं। कुल मिलाकर, दिल्ली से रायपुर पहुँचने में सिर्फ़ 12 घंटे लगेंगे और विशाखापत्तनम 20 घंटे में पहुँचा जा सकेगा।
इस मेगा-कॉरिडोर से क्या बदलेगा?
पूरा होने पर, यह कॉरिडोर बस्तर और आंध्र के विजयनगरम जैसे आदिवासी इलाकों जिन्हें पहले दुर्गम या नक्सल-प्रभावित माना जाता था तक उद्योगों और रोज़गार के मौकों के लिए सीधी पहुंच देगा। साथ ही, दिल्ली, हरियाणा और UP की फ़ैक्टरियों से सामान बिना किसी देरी के सीधे विशाखापत्तनम पोर्ट तक पहुँच सकेगा, जिससे एक्सपोर्ट आसान हो जाएगा।