हरियाणा में जल्द तैयार होगा ये नया 40 KM लंबा रिंग रोड, लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला में निर्माणाधीन रिंग रोड न केवल अम्बाला को ट्रेफिक जाम से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि प्रतिदिन यहां से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए वरदान साबित होगा। रिंग रोड प्रोजेक्ट रिंग रोड अम्बाला के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा जिससे अम्बाला महानगर बनने की ओर अग्रसर होगा।
श्री विज ने आज दोपहर अपनी गाड़ी में रिंग रोड प्रोजेक्ट का स्थल मुआयना किया और निर्माण कार्य की प्रगति को जाना। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य रिंग रोड निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करके इसे जनता को समर्पित करना है। गौरतलब है कि परिवहन मंत्री अनिल विज के अथह प्रयासों से अम्बाला में रिंग रोड परियोजना की शुरूआत की गई थी। अम्बाला जिले के चारों ओर एक माला की तरह रिंग रोड का निर्माण कार्य निर्माण के अंतिम चरणों में है जिसे बहुत जल्द पूरा कर जनता को समर्पित करने की योजना है। इस अवसर पर भाजपा नेता संजीव सोनी बब्बू, अजय बवेजा, शैलेंद्र खन्ना एवं अन्य मौजूद रहे।
40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड
इस 40 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन रिंग रोड का लगभग 691 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण हो रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 30 गांवों की 657 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है, जिसमें हरियाणा के 27 व पंजाब के तीन गांव भी शामिल हैं। इसके साथ ही रिंग रोड के साथ-साथ कुछ सेक्टर भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण काट रहा है जिससे भविष्य में शहरी क्षेत्र की हद रिंग रोड तक होने की प्रबल संभावना है।
रिंग रोड का 90 प्रतिशत कार्य पूरा
पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से वाया अम्बाला आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए रिंग रोड प्रोजेक्ट वरदान साबित होगा। वाहन चालकों अम्बाला के अंदरूनी भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में दाखिल हुए बिना आगे आने की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना का कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लगभग 90 प्रतिशत पूरा कर लिया है। रिंग रोड के जरिए वाहन चालक किसी भी राज्य से आएं उन्हें शहर के यातायात में होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। परियोजना का अम्बाला निवासियों को भरपूर लाभ मिलेगा।
रिंग रोड से 5 नेशनल हाईवे जुड़ेंगे
यह रिंग रोड क्षेत्र के पांच बड़े नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा। यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर, पांवटा साहिब की ओर से आने वाले वाहन अब शहर के व्यस्त इलाकों में आए बिना सीधे पंजाब, चंडीगढ़ व कैथल-हिसार की ओर निकल सकेंगे। इसी तरह, अगर किसी पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल आदि क्षेत्रों से दिल्ली, यमुनानगर, सहारनपुर, पांवटा साहिब व अन्य क्षेत्रों में जाना है तो उन्हें भी रिंग रोड के जरिए बाहर से होते हुए सीधा गंतव्य तक जाने की सुविधा होगी।
अम्बाला रिंग रोड अम्बाला-शामली- दिल्ली एक्सप्रेस-वे और अम्बाला-कालाअम्ब एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ा है जिससे वाहन चालकों को आने-जाने में सुविधा होगी।
रिंग रोड परियोजना की खास बातें
लंबाई: 40 किलोमीटर सिक्स लेन
पुल: टांगरी नदी पर बनेंगे 2 बड़े और 2 छोटे पुल
ओवरब्रिज व फ्लाईओवर: 2 रेलवे ओवरब्रिज और 3 फ्लाईओवर
कनेक्टिविटी: 5 नेशनल हाईवे आपस में लिंक
सर्विस रोड : स्थानीय यातायात की सुविधा के लिए 29.029 किमी लंबी सर्विस रोड का निर्माण।
पुल और पुलिया: सफर को सुगम बनाने के लिए 3 बड़े पुल, 4 छोटे पुल और पानी की निकासी के लिए 82 पुलिया तैयार।
सुरक्षित आवागमन: वाहनों के लिए 1 इंटरचेंज, 13 आवागमन पॉइंट और पैदल यात्रियों व वाहनों के लिए 7 व्हीकुलर अंडरपास।
लोगों व व्यापारियों को क्या होगा फायदा
आसान सफर: पंजाब और हरियाणा से हिमाचल प्रदेश (विशेषकर औद्योगिक क्षेत्र कालाआंब) जाना अब बेहद आसान और सुरक्षित होगा।
समय और पैसे की बचत: माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी और सफर का समय घटेगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा।
पर्यटन को रफ्तार: पहाड़ों की सैर पर जाने वाले पर्यटकों के लिए सफर सुगम होगा और हादसों पर लगाम लगेगी।