सिंगल चार्ज में 1230KM दौड़ेगी ये नई इलेक्ट्रिक कार ! जाने लॉन्चिंग डेट और फीचर्स
Udaipur Times, Xiaomi SkyNomaid N90 Max Range Extender : इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के सामने सबसे बड़ी चिंताओं में से एक लंबी दूरी की ड्राइव के दौरान रेंज को लेकर होती है। वहीं पेट्रोल कारों में भी बेहतर माइलेज और ज्यादा ईंधन खर्च जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। लेकिन अगर कोई ऐसी कार हो जो इलेक्ट्रिक मोटर से चले और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन उसकी बैटरी को चार्ज करता रहे, तो लंबी दूरी की यात्रा काफी आसान हो सकती है।
ऐसी ही तकनीक वाली एक कार का दावा सामने आया है। शाओमी स्काईनोमैड एन90 मैक्स रेंज एक्सटेंडर ने एक ही चार्ज में करीब 1,230 किलोमीटर का सफर पूरा किया और कंपनी के मुताबिक इसके बाद भी 58 किलोमीटर की रेंज बाकी थी। खास बात यह रही कि इस दौरान कार में चार लोग सवार थे और एसी भी लगातार चल रहा था। कंपनी ने इस ड्राइव का वीडियो भी शेयर किया है।

1,230 किमी चली कार, फिर भी 58 किमी की रेंज बाकी
कंपनी की ओर से साझा किए गए दावे के मुताबिक, कार ने लंबी दूरी की ड्राइव में 1,230 किलोमीटर का सफर पूरा किया। इसके बाद भी कार में करीब 58 किलोमीटर की अनुमानित रेंज बची हुई थी। यानी ड्राइव के दौरान कार की कुल संभावित दूरी इससे भी ज्यादा हो सकती है। इस टेस्ट की खास बात यह है कि कार को सामान्य परिस्थितियों में चलाने के बजाय इसमें चार लोग सवार थे और फुल एसी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, वास्तविक ड्राइविंग रेंज सड़क, ट्रैफिक, मौसम, स्पीड, ड्राइविंग स्टाइल और तापमान जैसी परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती है।
आखिर कैसे काम करता है रेंज एक्सटेंडर?
रेंज एक्सटेंडर इलेक्ट्रिक कार को सामान्य ईवी से थोड़ा अलग बनाता है। ऐसी कार में इलेक्ट्रिक मोटर के साथ बैटरी होती है, जिससे कार चलती है। इसके अलावा इसमें एक पेट्रोल इंजन भी दिया जाता है, लेकिन इसका मुख्य काम सीधे पहियों को चलाना नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर बैटरी को चार्ज करने के लिए बिजली पैदा करना होता है। यानी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान जब बैटरी का चार्ज कम होने लगता है, तो पेट्रोल इंजन काम करते हुए बैटरी के लिए बिजली उपलब्ध करा सकता है। इससे कार को सिर्फ चार्जिंग स्टेशन पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है और लंबी दूरी की यात्रा में रेंज को लेकर चिंता भी घट सकती है।

इलेक्ट्रिक कार जैसी ड्राइविंग, पेट्रोल से बढ़ती रेंज
रेंज एक्सटेंडर सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यही है कि कार में इलेक्ट्रिक ड्राइविंग का अनुभव मिलता है, जबकि लंबी दूरी के लिए पेट्रोल इंजन अतिरिक्त ऊर्जा उपलब्ध कराने का काम करता है। ऐसे में यह तकनीक उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है जो इलेक्ट्रिक कार की शांत और स्मूथ ड्राइविंग चाहते हैं, लेकिन लंबी दूरी के दौरान चार्जिंग स्टेशन खोजने की चिंता नहीं करना चाहते। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कार पूरी तरह पेट्रोल कार की तरह काम करती है। रेंज एक्सटेंडर मॉडल में इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी ड्राइविंग सिस्टम की अहम भूमिका में रहते हैं और पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।
चार यात्रियों और एसी के साथ किया गया टेस्ट
कंपनी के शेयर किए गए वीडियो में इस कार की लंबी दूरी की क्षमता को दिखाया गया है। दावे के मुताबिक, इस दौरान कार में चार सवारी थीं और एसी भी चल रहा था। आमतौर पर यात्रियों की संख्या और एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल कार की ऊर्जा खपत पर असर डाल सकता है। इसी वजह से कंपनी द्वारा साझा किया गया यह आंकड़ा ध्यान खींचता है। हालांकि, किसी भी कार की वास्तविक रेंज को सिर्फ एक टेस्ट के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। अलग-अलग परिस्थितियों में इसकी रेंज में अंतर आ सकता है।

लंबी दूरी की ड्राइव में काम आ सकती है तकनीक
इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ लंबी दूरी की यात्रा और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चर्चा भी बढ़ी है। शहरों में रोजाना आने-जाने के लिए ईवी काफी सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन लंबी यात्रा में चार्जिंग टाइम और चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता कई लोगों के लिए चिंता का विषय रहती है। रेंज एक्सटेंडर तकनीक इसी समस्या को कम करने की कोशिश करती है। बैटरी में पर्याप्त चार्ज होने पर कार इलेक्ट्रिक पावर पर चलती है और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन अतिरिक्त बिजली उपलब्ध करा सकता है। इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान कार को बार-बार चार्ज करने की जरूरत कम हो सकती है।
चीन में पेश की गई है यह कार
शाओमी की यह रेंज एक्सटेंडर कार चीनी बाजार में पेश की गई है। कंपनी ऑटोमोबाइल सेगमेंट में इलेक्ट्रिक और नई ऊर्जा तकनीक से जुड़े वाहनों पर फोकस बढ़ा रही है। स्काईनोमैड एन90 मैक्स रेंज एक्सटेंडर इसी दिशा में एक ऐसा मॉडल है, जिसमें इलेक्ट्रिक ड्राइव और पेट्रोल आधारित रेंज एक्सटेंडर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह के मॉडल उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं जो इलेक्ट्रिक कार की तकनीक के साथ लंबी दूरी की यात्रा की सुविधा चाहते हैं।
क्या 1,230 किमी की रेंज हर बार मिलेगी?
यहां यह समझना जरूरी है कि 1,230 किमी की दूरी कंपनी द्वारा साझा किए गए टेस्ट/ड्राइव का दावा है, इसे हर परिस्थिति में मिलने वाली फिक्स रेंज नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक रेंज ड्राइविंग कंडीशन, स्पीड, ट्रैफिक, मौसम, सड़क, यात्रियों का वजन, एसी के इस्तेमाल और ड्राइविंग स्टाइल जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए इस कार की रेंज को लेकर कंपनी के दावे को टेस्ट कंडीशन के संदर्भ में देखना बेहतर होगा। रोजमर्रा की ड्राइविंग में आंकड़ा अलग हो सकता है।
रेंज की चिंता कम करने की कोशिश
कुल मिलाकर, रेंज एक्सटेंडर तकनीक इलेक्ट्रिक और पेट्रोल पावरट्रेन के बीच एक अलग तरह का विकल्प पेश करती है। इसमें बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर से मिलने वाली ड्राइविंग के साथ पेट्रोल इंजन लंबी दूरी के दौरान अतिरिक्त ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करता है। अगर कंपनी का 1,230 किमी की ड्राइव और 58 किमी रेंज बाकी रहने का दावा टेस्ट परिस्थितियों में सफलतापूर्वक दोहराया जाता है, तो यह लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिहाज से दिलचस्प तकनीक साबित हो सकती है। हालांकि, भारत में इसकी उपलब्धता, कीमत और यहां की परिस्थितियों में वास्तविक रेंज अलग विषय हैं।