22 हजार करोड़ में तैयार होगा 5 राज्यों को जोड़ने वाला ये नया एक्सप्रेसवे, 84 गांवों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, UP New Expressway : उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद अब एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट आकार ले रहा है, जो विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगा। 330 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज को मध्य प्रदेश के रीवा, सतना और सीधी जिलों से जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
परियोजना का पूरा स्वरूप
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और औद्योगिक व आर्थिक विकास को गति देना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत प्रयागराज से रीवा, सतना और सीधी तक की दूरी लगभग आधी रह जाएगी। साथ ही यह कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे विंध्य क्षेत्र के लोग दिल्ली-एनसीआर तक लगभग 8 से 9 घंटे में पहुंच सकेंगे।
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को एक बड़े सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा।
रूट और डिजाइन
यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के सोरांव तहसील के जुड़ापुर डंडू गांव से शुरू होकर सोनभद्र में नेशनल हाईवे-39 तक जाएगा। यह मार्ग फुलपुर, सोरांव और हंडिया क्षेत्रों से होकर गुजरेगा और आगे मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट में 84 गांवों को शामिल किया गया है। एक्सप्रेसवे को छह लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।
लिंक रोड और कनेक्टिविटी
मिर्जापुर से 107 किलोमीटर लंबा लिंक रोड भी बनाया जा रहा है, जो सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इस हिस्से में 2 रेलवे ओवरब्रिज, 6 बड़े इंटरचेंज और 56 अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन और भी तेज और सुगम हो जाएगा।
लागत और पूरा होने की समयसीमा
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 22,400 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इस एक्सप्रेसवे को वर्ष 2029 तक पूरा कर लिया जाए।
यात्रा समय में बड़ी कमी
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र तक यात्रा समय में 3 से 5 घंटे की बचत होगी। वहीं प्रयागराज से मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगा।
क्षेत्रीय विकास पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को आसान बनाएगा बल्कि पूरे विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा देगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
