15 हजार करोड़ से बनेगा ये नया एक्सप्रेसवे, यूपी-राजस्थान समेत तीन राज्यों की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
Udaipur Times, Atal Expressway : केंद्र सरकार ने करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाले अटल एक्सप्रेसवे (Atal Expressway) परियोजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की स्वीकृति के बाद बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा। पहले इस परियोजना का नाम चंबल एक्सप्रेसवे था, जिसे अब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में अटल एक्सप्रेसवे नाम दिया गया है।
417 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा (सिमलिया) से शुरू होकर मध्य प्रदेश के श्योपुर, सबलगढ़, मुरैना और भिंड होते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा (भरथना/निनावा क्षेत्र) तक पहुंचेगा। परियोजना की कुल लंबाई लगभग 417 किलोमीटर होगी, जिसमें राजस्थान 94 किमी, मध्य प्रदेश 273 किमी और उत्तर प्रदेश 47 किमी का हिस्सा शामिल रहेगा।
तीन बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा इटावा
अटल एक्सप्रेसवे (Atal Expressway) बनने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन जाएगा, जहां तीन बड़े एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ेंगे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, अटल एक्सप्रेसवे। इसके अलावा कोटा में यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे उत्तर और मध्य भारत के बीच आवागमन और माल परिवहन और अधिक आसान होगा।
यात्रा का समय होगा आधा
वर्तमान में कोटा से इटावा की यात्रा में करीब 12 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर घटकर करीब 4 से 5 घंटे का रह जाएगा। इस चार लेन एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की जाएगी।
चंबल क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार
सरकार का मानना है कि यह परियोजना चंबल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। कभी डकैतों के लिए बदनाम रहा चंबल इलाका अब बेहतर सड़क संपर्क के जरिए विकास का नया केंद्र बन सकता है।
इस एक्सप्रेसवे से किसानों को अपनी उपज दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े बाजारों तक कम समय और कम लागत में पहुंचाने में सुविधा होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा। निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। दूरदराज के गांवों और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
अटल एक्सप्रेसवे से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इनमें रणथंभौर टाइगर रिजर्व, कुनो नेशनल पार्क और राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की संख्या बढ़ने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पर्यावरण पर भी रहेगा ध्यान
हालांकि, प्रस्तावित मार्ग का एक हिस्सा राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के निकट से गुजर सकता है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक उपाय किए जाने की बात कही गई है। परियोजना के निर्माण की समय-सीमा का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं किया गया है।
