हरियाणा से बंगाल तक तैयार होगा ये नया एक्सप्रेसवे, इन जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, Ambala-Shamli Expressway : हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला 122 किलोमीटर लंबा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे (Ambala-Shamli Expressway) तेजी से तैयार हो रहा है। भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत बन रहे इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद अंबाला से शामली का सफर 3 से 4 घंटे की बजाय महज डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इस पर वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर के ग्रामीण क्षेत्रों से होकर उत्तर प्रदेश के शामली तक जाएगा। इससे हरियाणा और वेस्ट यूपी के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
कई बड़े एक्सप्रेसवे से होगा कनेक्शन
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे (Ambala-Shamli Expressway) भविष्य में कई प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क से जुड़ेगा, जिनमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर, अंबाला-चंडीगढ़ एक्सप्रेसवे, अंबाला-मोहाली एक्सप्रेसवे और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर शामिल हैं। इन कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के जरिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आगे बंगाल तक हाईस्पीड सड़क नेटवर्क विकसित होगा।
उद्योग और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
एक्सप्रेसवे बनने से अंबाला की इंडस्ट्रियल बेल्ट, यमुनानगर के प्लाईवुड उद्योग और शामली-मुजफ्फरनगर के चीनी उद्योग को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। भारी वाहनों की आवाजाही तेज होने से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और व्यापार को गति मिलेगी।
दिल्ली के ट्रैफिक से मिलेगी राहत
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड जाने वाले कई वाहन दिल्ली के जाम से बचते हुए सीधे इस हाईस्पीड रूट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होने की भी उम्मीद है।
यमुना पर बनेगा नया पुल
हरियाणा और उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए चांद्रो के पास यमुना नदी पर नया पुल भी बनाया जाएगा। इससे दोनों राज्यों के सीमावर्ती गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
