जल्द तैयार होगा ये नया फ्लाईओवर ! दिल्ली से जयपुर का सफर होगा बिल्कुल आसान, जाने पूरा मास्टर प्लान ?
Udaipur Times, Haryana News : दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बिलासपुर और राठीवास चौक के जाम से जूझ रहे हजारों वाहन चालकों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। दोनों स्थानों पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर को अक्टूबर में यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। बिलासपुर फ्लाईओवर का दिल्ली-जयपुर हाईवे की ओर जाने वाला एक हिस्सा अक्टूबर में शुरू किया जाएगा, जबकि राठीवास फ्लाईओवर के दोनों हिस्सों को एक साथ यातायात के लिए खोलने की योजना है।
बिलासपुर चौक पर दो मिनट का रास्ता दो घंटे में होता है तय
फिलहाल दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बिलासपुर चौक सबसे अधिक जाम प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां कई दिशाओं से आने वाली सड़कें हाईवे से जुड़ती हैं। फ्लाईओवर निर्माण के चलते मुख्य मार्ग पर वाहनों के लिए उपलब्ध जगह सीमित हो गई है।
पीक आवर में करीब दो मिनट का रास्ता तय करने में वाहन चालकों को दो घंटे तक लग रहे हैं। रात के समय भी जाम की स्थिति बनी रहती है। निर्माण क्षेत्र के कारण हाईवे का यातायात चौक के आसपास से होकर गुजर रहा है, जिससे सर्विस रोड पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है।
फ्लाईओवर का एक हिस्सा खुलने से बढ़ेगी सड़क की क्षमता
बिलासपुर चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में है। भारी यातायात के बीच निर्माण कार्य जारी रखना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद परियोजना को चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।
अक्टूबर में दिल्ली-जयपुर हाईवे वाला एक हिस्सा शुरू होने के बाद मुख्य मार्ग पर वाहनों की क्षमता बढ़ेगी। इससे चौक पर सीधे गुजरने वाले लंबी दूरी के वाहनों को राहत मिलने की उम्मीद है। पूरे फ्लाईओवर को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राठीवास में दोनों हिस्से अक्टूबर में खुलने की पूरी तैयारी
राठीवास फ्लाईओवर का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। यहां फ्लाईओवर के दोनों हिस्सों को अक्टूबर से स्थायी रूप से यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।
फ्लाईओवर शुरू होने के बाद राठीवास चौक पर हाईवे के सीधे यातायात को अलग मार्ग मिल सकेगा। वर्तमान में निर्माण क्षेत्र के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित हो रही है और थोड़ी सी अव्यवस्था होने पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
55 किलोमीटर का सफर जाम के कारण हो रहा लंबा
बिलासपुर और राठीवास फ्लाईओवर शुरू होने के बाद गुरुग्राम से रेवाड़ी की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम से रेवाड़ी की दूरी करीब 55 किलोमीटर है।यात्रियों की माने तो सामान्य परिस्थितियों में यह सफर करीब एक घंटे में पूरा हो सकता है, लेकिन पीक आवर में जाम के कारण ढाई से तीन घंटे तक लग रहे हैं। कई बार रात में भी वाहन चालकों को तीन से चार घंटे तक जाम में फंसना पड़ता है।
सर्विस रोड की चौड़ाई और जलनिकासी बनी चिंता का कारण
बिलासपुर चौक के आसपास सर्विस रोड यातायात के दबाव के मुकाबले संकरी है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति भी खराब है और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या स्थिति को और गंभीर कर सकती है।
सेक्टर-40 निवासी इंजीनियर हरमेश वर्मा और सेक्टर-49 निवासी अजय चौहान का कहना है कि फ्लाईओवर जाम की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन निर्माण पूरा होने तक सर्विस रोड ही यातायात का प्रमुख सहारा है। ऐसे में इसकी चौड़ाई, सड़क की सतह और जलनिकासी व्यवस्था पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि जयपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का विकल्प है, लेकिन रेवाड़ी से बावल तक जाने वाले लोगों के लिए फिलहाल कोई बेहतर वैकल्पिक मार्ग नहीं है। ऐसे में बिलासपुर और राठीवास के जाम का सबसे अधिक असर रेवाड़ी की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है।
राव इंद्रजीत सिंह ने निर्माण में तेजी के लिए दिए निर्देश
स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय योजना, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने कहा है कि राठीवास फ्लाईओवर के दोनों हिस्सों को अक्टूबर में शुरू करने की तैयारी है। वहीं, बिलासपुर फ्लाईओवर का दिल्ली-जयपुर हाईवे वाला एक हिस्सा भी अक्टूबर में यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि वर्तमान में लोगों को काफी परेशानी हो रही है और बिलासपुर फ्लाईओवर का एक हिस्सा शुरू होने से भी यातायात व्यवस्था में काफी सुधार आएगा। दोनों फ्लाईओवर शुरू होने के बाद दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गुरुग्राम से रेवाड़ी के बीच सफर का समय कम होने और बिलासपुर व राठीवास चौक पर जाम का दबाव घटने की उम्मीद है।