1655 करोड़ से जल्द तैयार होगा ये नया फोरलेन हाईवे ! 286 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, देखें पूरा रूट प्लान ?

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1655 करोड़ से जल्द तैयार होगा ये नया फोरलेन हाईवे ! 286 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण, देखें पूरा रूट प्लान ?

Udaipur Times, New Delhi : नालंदा जिले के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-इस्लामपुर-हुलासगंज सड़क को दो लेन से बढ़ाकर फोरलेन करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। करीब 44 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर लगभग 1,655.55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद नालंदा के हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में आवागमन पहले के मुकाबले आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है। सड़क के फोरलेन होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

44.155 किलोमीटर सड़क को किया जाएगा फोरलेन

पथ निर्माण विभाग, हिलसा के अंतर्गत आने वाली दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-इस्लामपुर-हुलासगंज पथ के 0.00 किमी से 44.155 किमी तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना है।

इस संबंध में पथ निर्माण विभाग की ओर से 11 अगस्त 2026 को संभाव्यता प्रतिवेदन विभाग को सौंप दिया गया है। अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

यह सड़क नालंदा के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ती है। ऐसे में इसके फोरलेन में बदलने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ लंबी दूरी के यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

285.95 एकड़ अतिरिक्त जमीन का होगा अधिग्रहण

परियोजना के सामने सबसे बड़ी प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण की है। विभागीय जानकारी के अनुसार सड़क को दो लेन से चार लेन करने के लिए अलग-अलग मौजा में करीब 164.32 एकड़ जमीन पहले से उपलब्ध है।

वहीं, सड़क के चौड़ीकरण और परियोजना को पूरा करने के लिए करीब 285.95 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण करना होगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सड़क निर्माण का काम जमीन पर तेजी से आगे बढ़ सकेगा। ऐसे में आने वाले समय में प्रशासन और संबंधित विभाग के स्तर पर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

रुपए 1,655.55 करोड़ की आएगी लागत से बनने जा रही सड़क

करीब 44 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 1,655.55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।

इस परियोजना के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत प्रस्ताव तैयार किया गया है। अब परियोजना की स्वीकृति और आवश्यक वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया पर नजर है।

अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो सड़क के फोरलेन निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी।

हिलसा, एकंगरसराय और इस्लामपुर को मिलेगा फायदा

सड़क के फोरलेन होने से हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सबसे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में दो लेन की सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण कई जगह यातायात की समस्या सामने आती है। सड़क चौड़ी होने के बाद वाहनों के आवागमन के लिए अधिक जगह मिलेगी, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही आसपास के गांवों और बाजारों से जिला मुख्यालय तथा दूसरे प्रमुख शहरों तक पहुंच भी बेहतर हो सकती है।

सड़क निर्माण से व्यापार और कृषि को भी मिलेगी रफ्तार

यह सड़क केवल यात्रियों के आवागमन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि व्यापार और कृषि गतिविधियों के लिहाज से भी इसकी अहमियत काफी ज्यादा है।

नालंदा के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद बाजारों तक पहुंचते हैं। सड़क के फोरलेन होने से ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकती है। इससे कृषि उत्पादों को कम समय में बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से नए कारोबारी अवसर पैदा होने और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की भी संभावना है।

विधायक ने भी उठाई थी फोरलेन सड़क की मांग

दनियावां-हुलासगंज सड़क को फोरलेन करने की मांग को लेकर इस्लामपुर के विधायक रूहेल रंजन भी प्रयासरत बताए जा रहे हैं।

बताया गया है कि विधायक ने हाल में नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस सड़क के चौड़ीकरण की मांग को प्रमुखता से रखा था।

अब विभाग की ओर से संभाव्यता प्रतिवेदन सौंपे जाने के बाद इस परियोजना को लेकर क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

अब स्वीकृति और जमीन अधिग्रहण पर टिकी है नजर

फिलहाल परियोजना का संभाव्यता प्रतिवेदन विभाग को भेजा जा चुका है। इसके बाद परियोजना की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण और निर्माण एजेंसी से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

करीब 44 किलोमीटर लंबी इस सड़क के फोरलेन बनने से नालंदा के सड़क नेटवर्क में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण शुरू होने से पहले भूमि अधिग्रहण और परियोजना की मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण चरण पूरे करने होंगे।

जाने सड़क बनने से क्या होगा बदलाव ?

फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद दनियावां से हुलासगंज तक आवागमन सुगम होने, यातायात क्षमता बढ़ने और सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। हिलसा, एकंगरसराय और इस्लामपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

साथ ही कृषि उत्पादों की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका फायदा मिल सकता है। अब लोगों की नजर परियोजना की मंजूरी और 285.95 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर टिकी है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ होगा।

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