22 जिलों से होकर गुजरेगा ये नया ग्रीनफील्ड सुपर एक्सप्रेसवे, रियल एस्टेट में आएगा बड़ा उछाल
Udaipur Times, Greenfield Super Expressway : उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही है। करीब 700 से 750 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन जाएगा और मौजूदा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का रिकॉर्ड पीछे छोड़ देगा।
करीब 35,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 22 जिलों और 37 तहसीलों को जोड़ते हुए हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब तक बेहतर संपर्क प्रदान करेगी।
परियोजना की प्रमुख बातें
परियोजना का नाम: गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
लंबाई: लगभग 700-750 किलोमीटर
अनुमानित लागत: 35,000 करोड़ रुपये
लेन: 6 लेन, भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य
अधिकतम गति सीमा: 120 किमी प्रति घंटा
निर्माण एजेंसी: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
प्रस्तावित पूर्णता अवधि: 2028-29
कॉरिडोर की चौड़ाई: 150 मीटर
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली समेत 22 जिलों को जोड़ेगा।
15 घंटे का सफर घटकर 8 घंटे
वर्तमान में गोरखपुर से शामली पहुंचने में करीब 15 घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह दूरी लगभग 8 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी यूपी, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों से सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण का काम तेज
परियोजना की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पूरी हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार ने एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित मार्ग पर आने वाली जमीनों के लेनदेन को अगस्त 2026 तक फ्रीज करने का फैसला किया है, ताकि भूमि अधिग्रहण में किसी तरह की अड़चन न आए।
11 पैकेज में होगा निर्माण
लंबी दूरी को देखते हुए परियोजना को 11 निर्माण पैकेज में बांटा गया है। पहले चरण में शामली से शाहजहांपुर के पुवायां तक करीब 450 किलोमीटर हिस्से का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में पुवायां से गोरखपुर तक 300 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी।
गंगा पर बनेगा 2.75 किमी लंबा पुल
बिजनौर के मंडावर क्षेत्र में गंगा नदी पर 2,750 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा, जो परियोजना का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग ढांचा होगा। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर 55 फ्लाईओवर, 22 इंटरचेंज और दो आपातकालीन एयरस्ट्रिप भी बनाई जाएंगी।
इन एक्सप्रेसवे से होगा कनेक्शन
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा।
रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा फायदा
एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में जमीन और संपत्ति की कीमतों में 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है।
यह परियोजना न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि औद्योगिक, कृषि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी नई रफ्तार देकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
