UPSC परीक्षा में 50वीं और 51वीं रैंक लाने वाले आपस में हार बैठे दिल, अब बनी सबसे युवा कलेक्टर

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UPSC परीक्षा में 50वीं और 51वीं रैंक लाने वाले आपस में हार बैठे दिल, अब बनी सबसे युवा कलेक्टर 

Udaipur Times, UPSC topper love story:  आज के समय में लाखों अभ्यर्थियों का सपना है UPSC पास करना मगर कुछ एक लोग ही इस सपने को साकार कर पाते हैं। आज हम बताने जा रहे हैं एक IAS कपल की कहानी जिन्होंने UPSC की परीक्षा तो पास की लेकिन इसके बाद में मसूरी की ट्रेनिंग ने उन्हें जीवनसाथी भी बना दिया। साल 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल करने वाली प्रतिष्ठा ममगाईं और 51वीं रैंक पाने वाले संबित मिश्रा। इन दोनों की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।  LBSNAA में शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली फिर शादी हुई और आज दोनों देश के अलग-अलग अहम प्रशासनिक पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। 
UPSC परीक्षा में 50वीं और 51वीं रैंक लाने वाले आपस में हार बैठे दिल

UPSC की परीक्षा ने बनाया अफसर

IAS बनने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन कुछ लोगों की जिंदगी में यह सफर सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहता।  प्रतिष्ठा ममगाईं और संबित मिश्रा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।  दोनों ने एक ही साल UPSC पास किया। दोनों की रैंक भी एक-दूसरे के बिल्कुल पास रही और बाद में दोनों जीवनभर के साथी बन गए।

ऐसे शुरू हुई कहानी

साल 2017 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में प्रतिष्ठा ममगाईं ने ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल की, जबकि संबित मिश्रा 51वीं रैंक के साथ IAS बने। दोनों 2018 बैच के अधिकारी बने और ट्रेनिंग के लिए मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंचे। यहीं दोनों की पहली मुलाकात हुई। एक ही बैच,लगभग एक जैसी रैंक और एक जैसे सपनों ने दोनों को करीब ला दिया। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया।

UPSC परीक्षा में 50वीं और 51वीं रैंक लाने वाले आपस में हार बैठे दिल

जानकारी के लिए आपको बता दें की प्रतिष्ठा ममगाईं का जन्म 13 अगस्त 1995 को हुआ।वे मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली से ही पूरी की। पहले ही प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। ऑल इंडिया 50वीं रैंक के साथ उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में हो गया। 

संबित मिश्रा ओडिशा के रहने वाले हैं। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू की। 2017 की परीक्षा में उन्होंने 51वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। 

ट्रेनिंग खत्म होने के बाद प्रतिष्ठा ममगाईं को आंध्र प्रदेश कैडर मिला जबकि संबित मिश्रा को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ। दोनों अपने-अपने राज्यों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने लगे हालांकि दूरी उनके रिश्ते के बीच नहीं आई। कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर ली।

1995 में जन्मीं प्रतिष्ठा ममगाईं वर्ष 2026 में करीब 31 साल की हैं। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ की सबसे कम उम्र की जिला कलेक्टर मानी जाती हैं। कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने के कारण वे सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहती हैं।

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