हरियाणा में हजारों एक्सटेंशन लेक्चरर्स को 57,700 रुपये वेतन ! दो फीसदी सालाना वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ते का प्रस्ताव
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में वर्षों से अनिश्चित व्यवस्था के तहत कार्यरत हजारों एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स के लिए राज्य सरकार ने पहली बार सेवा सुरक्षा का व्यापक कानूनी ढांचा तैयार किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने 'हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एवं गेस्ट लेक्चरर्स (सिक्योरिटी ऑफ सर्विसेज) नियम-2026' का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके लागू होने के बाद इन शिक्षकों की नियुक्ति, सेवा सुरक्षा, वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, अवकाश, समायोजन, आचरण और अनुशासन सहित सभी पहलू स्पष्ट नियमों के दायरे में आ जाएंगे। विभाग ने मसौदे पर शिक्षक संगठनों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से 15 दिन के भीतर सुझाव मांगे हैं। सुझावों पर विचार के बाद नियमों को अंतिम रूप देकर अधिसूचित किया जाएगा।
कौन आएगा सेवा सुरक्षा के दायरे में
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार सेवा सुरक्षा का लाभ केवल उन एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स को मिलेगा जिन्होंने कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी की हो और प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 240 दिन कार्य किया हो। पात्र शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसके बाद संबंधित कॉलेज के प्राचार्य और डीडीओ दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। इससे पात्रता को लेकर भविष्य में होने वाले विवादों की संभावना कम होगी।
सरप्लस होने पर भी नहीं जाएगी नौकरी, 15 दिन में मांगे सुझाव
ड्राफ्ट का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि किसी सरकारी कॉलेज में किसी विषय के सेवा-सुरक्षित शिक्षक सरप्लस हो जाते हैं तो उनकी नौकरी समाप्त नहीं होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ऐसे शिक्षकों को उस सरकारी कॉलेज में समायोजित करेगा, जहां उसी विषय के शिक्षकों की आवश्यकता होगी। यानी विद्यार्थियों की संख्या घटने या विषयवार पदों के पुनर्विन्यास के कारण अब पात्र शिक्षकों को नौकरी खोने का डर नहीं रहेगा।
वेतन और भत्तों का भी तय होगा फॉर्मूला
सरकार ने वेतन और भत्तों को भी स्पष्ट रूप से नियमों का हिस्सा बनाया है। प्रस्ताव के अनुसार सेवा-सुरक्षित शिक्षकों को 57,700 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष दो प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित महंगाई भत्ता (डीए) भी दिया जाएगा। इससे पहली बार एक्सटेंशन और गेस्ट लेक्चरर्स के वेतन ढांचे को स्थायित्व मिलने की उम्मीद है।
अवकाश नीति भी हुई स्पष्ट
ड्राफ्ट नियमों में मानवीय परिस्थितियों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। महिला शिक्षकों को छह माह का मातृत्व अवकाश तथा पुरुष शिक्षकों को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का प्रस्ताव है। विवाह के बाद महिला शिक्षक दूसरे जिले में समायोजन का अनुरोध कर सकेंगी। गंभीर बीमारी, जीवनसाथी की मृत्यु अथवा अन्य विशेष पारिवारिक परिस्थितियों में भी मानवीय आधार पर स्थानांतरण या पुनर्समायोजन की व्यवस्था की गई है। रैबीज संक्रमित कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर उपचार के लिए मेडिकल प्रमाणपत्र के आधार पर पांच दिन तक का विशेष आकस्मिक अवकाश भी प्रस्तावित किया गया है।
सेवा सुरक्षा के साथ अनुशासन भी
हालाँकि सरकार ने सेवा सुरक्षा के साथ जवाबदेही भी तय की है। ड्राफ्ट के अनुसार राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना, बिना अनुमति कोई अन्य रोजगार या व्यवसाय करना, हड़ताल में शामिल होना अथवा सेवा आचरण के नियमों का उल्लंघन करने पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। यानी सेवा सुरक्षा के साथ अनुशासन और जिम्मेदारी का ढांचा भी समान रूप से लागू होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट नियमों पर प्राप्त सुझावों का परीक्षण करने के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।
