कपड़ों की दुकान चलाने वाले के तीन बच्चे बने सरकारी अफसर, बिना कोचिंग हासिल की सफलता

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कपड़ों की दुकान चलाने वाले के तीन बच्चे बने सरकारी अफसर, बिना कोचिंग हासिल की सफलता 

Udaipur Times, Success Story : बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित खिरियावां गांव की रहने वाली नेहा कुमारी ने अपने दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल करते हुए लेवल-9 गजटेड अधिकारी के पद पर चयनित होकर पूरे परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। उनकी रैंक 745वीं रही है और उन्हें SDM स्तर के समकक्ष पद मिला है।

पहले प्रयास में मिली असफलता, फिर भी नहीं मानी हार

नेहा ने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा तो पास कर ली थी, लेकिन मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार सेल्फ स्टडी जारी रखी। दूसरे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने मेरिट सूची में 745वां स्थान हासिल कर लिया।

भाई बोले- बहन हमसे एक कदम आगे निकल गई

नेहा के बड़े भाई विमल कुमार ने कहा, "हम दोनों भाइयों ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है, लेकिन नेहा हमसे एक कदम आगे निकल गई। उसकी सफलता से पूरा परिवार और गांव गौरवान्वित है।"

तीनों भाई-बहन सरकारी सेवा में

नेहा के पिता संतोष वर्णवाल कपड़ों के व्यवसायी हैं, जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। परिवार ने कपड़ों की दुकान से होने वाली आमदनी से तीनों बच्चों को पढ़ाया। बड़े भाई विमल कुमार पटना सचिवालय में सहायक शाखा पदाधिकारी हैं। दूसरे भाई कमल कुमार BPSC के जरिए शिक्षक बने हैं। अब नेहा कुमारी भी लेवल-9 गजटेड अधिकारी बन गई हैं।

गांव में जश्न का माहौल

नेहा की सफलता की खबर मिलते ही खिरियावां गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव में मिठाइयां बांटी गईं और परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया। माता-पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं। कपड़ों की छोटी-सी दुकान से बच्चों को पढ़ाकर तीनों को सरकारी सेवा तक पहुंचाने की यह कहानी आज कई परिवारों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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