उदयपुर में तीन दिवसीय बर्ड फेयर शुरू
वन विभाग व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर जिले में तीन दिवसीय बर्ड फेयर शुक्रवार को शुरू हुआ।
पिछोला झील के किनारे जंगल सफारी में शुक्रवार सवेरे आयोजित भव्य समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बर्ड फेयर का शुभारंभ किया।

वन विभाग व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर जिले में तीन दिवसीय बर्ड फेयर शुक्रवार को शुरू हुआ।
पिछोला झील के किनारे जंगल सफारी में शुक्रवार सवेरे आयोजित भव्य समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बर्ड फेयर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गृहमंत्री के साथ ही अतिथियों के रूप में उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, महापौर चन्द्रसिंह कोठारी,उपमहापौर लोकेश द्विवेदी, समाजसेवी गुणवंतसिंह झाला सहित अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. एनसी जैन, पक्षी विशेषज्ञ डॉ. अशरद रहमानी, मुख्य वन संरक्षक वैंकटेश शर्मा, आईपीएस मथारू, व राहुल भटनागर, उपवन संरक्षक ओ.पी.शर्मा, डॉ.टी.मोहनराज, सतीश कुमार शर्मा, व सोहेल मजबूर, भामाशाह सुरेन्द्र बंसल आदि उपस्थित थे।
गृहमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने बर्ड फेयर की स्मारिका कैलेण्डर, पक्षी पहचान पुस्तिका तथा गुलाबबाग में प्रस्तावित बर्ड पार्क के लोगाें का विमोचन किया। तिरंगे गुब्बारे आसमान में उडाए और विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्त पक्षी मित्रों को प्रमाण पत्र व बॉयनोक्यूलर भेंट किये। ये उपकरण भामाशाह सुरेन्द्र बंसल द्वारा उपलब्ध कराये गये हैं।
स्वागत का अनूठा प्रयोग
समारोह में वन विभाग की ओर से सभी अतिथियों को तुलसी का एक-एक पौधा प्रदान कर स्वागत किया गया। वन सरंक्षक (वन्यजीव) राहुल भटनागर ने बर्ड फेयर का विस्तार से परिचय दिया।
समारोह में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर में इको टूरिज्म की अपार संभावनाओं का भरपूर उपयोग करने पर जोर दिया व वन विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे पर्यटन के नवीन क्षेत्र विकसित करे। यह प्रयास करें कि देशी-विदेशी पर्यटकों का अधिक दिन तक उदयपुर ठहराव हो।
गृहमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी लेकिन जो काम हो वे पूरी ईमानदारी व गुणवत्ता से हो। धनराशि का पूर्ण सदुयोग हो। गृहमंत्री ने कहा कि इन कार्यों के लिए नगर निगम व यूआईटी ़ तथा क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों से हर वर्ष पर्याप्त धनराशि मुहैया कराई जाएगी।
कटारिया ने बताया कि गुलाब बाग में 11 करोड़ की धनराशि से स्थापित होने वाले बर्ड पार्क का शिलान्यास फरवरी के दूसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री के हाथों होना है। उन्होंने पक्षी पर्यटन विकास के मद्देनज़र झीलों में मछली ठेका पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी देते हुए कहा कि इसके लिए 10 फीसदी धनराशि बढ़ाकर इसकी भरपाई की जाएगी लेकिन मछली ठेका नहीं होगा जिससे कि पक्षी आराम से रह सके।
कटारिया ने पिछोला व स्वरूप सागर में पक्षी दर्शन हेतु स्थल चिह्नित करने, सज्जनगढ़ विकास व बड़ी तालाब पर्यटकों के आकर्षण व ठहराव के लिए नवीन स्थल विकसित करने, बायोडायवर्सिटी पार्क, बाघदड़ा विकास, दूधतलाई बुर्ज पर उदयपुर व्यू दिखाने टॉवर स्थापित करने, पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाने,प्राकृतिक स्थलों में नवीन पर्यटन स्थल बनाने, थूर मगरा व मदार के दोनों तालाबों के पर्यटन की दृष्टि से विकास, जयसमंद झील क्षेत्र में बॉयोलोजिकल पार्क स्थापित करने आदि पर जोर दिया।
गृहमंत्री ने पक्षी दर्शन सहित वन विभाग द्वारा विकसित पर्यटन स्थलों के भ्रमण के लिए आवागमन की सुविधा के लिए ख़ास प्रयासों के निर्देश दिए व कहा कि इसके लिए नियमित रूप से 4-5 बसों का इंतजाम होना चाहिए जो कि 2-2 घंटे के अंतराल में संचालित होती रहें ताकि साधारण परिवारों को भी इन दर्शनीय स्थलों के भ्रमण का लाभ मिल सके। सफारी पार्क को और अधिक बेहतर बनाने व वनीय पर्यटन विकास के लिए उन्होंने सालाना 10-10 करोड़ के कार्य के लिए प्रभावी योजना बनाने के निर्देश वन विभाग को दिए और कहा कि पर्यटकों के लिए इस प्रकार भरपूर सहूलियतें दें, पर्यटन विकास करें कि पर्यटन को बढ़ावा मिले, रोजगार के अवसर बढं़े व स्थानीय समृद्धि का विस्तार हो।
उन्होंने उदयपुर विकास के लिए नीमच माता की दूसरी रोप वे, शहर में दो फ्लाई ओवर व एलिवेटेड रोड, व्यापक सौंदर्यीकरण व विकास आदि योजनाओं की जानकारी दी।
उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने इको टूरिज्म विकास, रेल व हवाई सेवाओं के विस्तार व पर्यटन विकास गतिविधियों पर जानकारी दी व वन विभाग की पर्यटन विकास योजनाओं में सांसद मद से हर संभव योगदान का आश्वासन दिया।
विधायक फूलसिंह मीणा ने वनों के संरक्षण, संवर्धन, वन्यजीवों की रक्षा, पक्षी पर्यटन विकास आदि के साथ ही उदयपुर के समग्र सौंदर्यीकरण के प्रयासों में हर संभव भागीदारी का भरोसा दिलाया व झील में मछली ठेका बंद करने की आवश्यकता जताई।
नगर परिषद के सभापति चन्द्रसिंह कोठारी ने प्रकृति के चक्र का संतुलन बनाये रखने पर जोर दिया व कहा कि उदयपुर नगर निगम पक्षी पर्यटन सहित वानिकी पर्यटन विकास कार्यों में हर संभव मदद मुहैया करायेगा। समारोह के अंत में पर्यटन विभाग के उपनिदेशक सुमिता सरोच आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर वन विभागीय अधिकारी व कार्मिक, देशी-विदेशी पक्षी विशेषज्ञ व पक्षी प्रेमी तथा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे। इस अवसर पर पक्षी प्रदर्शनी भी लगाई गई।
